Film Review- संजय दत्त की दमदार एक्टिंग लेकिन 'भूमि' की कहानी में दम नहीं


Sept. 22, 2017, 1:30 p.m.

 

स्टार कास्ट - संजय दत्त, अदिति राव हैदरी, शरद केलकर, शेखर सुमन  

डायरेक्टर - ओमंग कुमार 

रेटिंग- 2.5 स्टार

रिव्यू - नीरू शर्मा/नीतू कुमार 

संजय दत्त की कमबैक फिल्म 'भूमि' सिनेमाघरों में लग चुकी है । संजय ने बॉलीवुड में ओमंग कुमार 'भूमि' से वापसी की है । 'मैरी कॉम' और 'सरबजीत' जैसी फिल्में बनाने के बाद ओमंग के काम पर दर्शकों का भरोसा है। संजय दत्त ने एक ऐसी कहानी को चुना है जिसका सार एक रेप पीड़ित बेटी के पिता का दर्द और कातिलों को सजा देना है। फिल्म में संजय दत्त ने दमदार एक्टिंग की है और यही इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है । बेटी के साथ बलात्कार और कानून से न्याय ना मिलने पर खुद बदला लेने की कहानी 'मॉम' और 'मातृ' जैसी फिल्मों में दिख चुका है। भूमि' में एक पिता अपनी बलात्कार पीड़ित बेटी के दोषियों को सजा देने निकलता है।   

कहानी - भूमि' कहानी है यूपी के आगरा शहर की । भूमि ( अदिति राव हैदरी )  पिता अरुण  ( संजय दत्त ) के साथ रहती है । भूमि एक डॉक्टर से प्यार करती है और उससे उसकी शादी तय हो जाती है लेकिन भूमि से मोहल्ले का एक गुंडा विशाल इकतरफा प्यार करता है । भूमि विशाल के प्रेम प्रस्ताव को ठुकरा देती है इसके बाद वो अपमानित होकर अपने दबंग भाई धौली की मदद से शादी से पहले भूमि के साथ बलात्कार करता है। बलात्कार पीड़ित भूमि की शादी टूट जाती है और फिर शुरू होता है पिता अरुण का इंसाफ के लिए जंग । अदालत से न्याय नहीं मिलता लिहाजा वो बलात्कारियों को खुद सजा देने निकल पड़ता है। कैसे एक पिता अपनी बेटी के गुनाहकारों से बदला लेता है ये जानने के लिए आपको सिनेमाघर जाना होगा 

एक्टिंग - संजय दत्त एक मजबूर पिता के रोल में प्रभावित करते हैं। संजय और अदिति के बीच के सीन्स आपको पसंद आएंगे। खुशी के लम्हे हो या फिर गम के संजय ने हर सीन में अपनी पूरी मौजूदगी दर्ज करवाई है । बेटी के साथ हुई नाइंसाफी के बाद एक पिता की बेबसी उनके चेहरे पर साफ झलकती है। अदिति राव हैदरी फिल्म में ना सिर्फ खूबसूरत दिखी हैं बल्कि एक्टिंग में भी वो खरी उतरती हैं लेकिन इन सबके बीच बाजी मार ले जाते हैं विलेन बने शरद केलकर । शरद केलकर की दमदार आवाज और पर्सनालिटी राजस्थान के एक दबंग गुंडे के किरदार को और मजबूत बनाती है । कह सकते हैं कि शरद केलकर के रूप में बॉलीवुड को एक और विलेन मिल गया है। 

कमजोर पक्ष - फिल्म की कहानी में कुछ नया नहीं है। फिल्म में आगे क्या होने वाला है ये दर्शकों को पता रहता है। इंटरवल के बाद फिल्म में दर्शकों की जिज्ञासा खत्म होने लगती है। फिल्म में गाने अगर अच्छे होते तो उससे फायदा हो सकता था । सनी लियोनी का आइटम डांस भी दर्शकों को बहुत जंचा नहीं । कैमरा वर्क, डॉयलॉग्स और स्क्रीनप्ले औसत हैं। ओमंग कुमार की फिल्म 'मैरीकॉम' के मुकाबले भूमि कमजोर फिल्म है। फिल्म की कहानी पर और अच्छा काम होना चाहिए था । 
 

तीन साल बाद संजय दत्त ने बिग स्क्रीन पर वापसी की है ।  भूमि को 5 करोड़ तक की ओपनिंग मिलने की उम्मीद है और वीकएंड पर फिल्म बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।  संजू बाबा की एक्टिंग फिल्म को खींचने में कामयाब रहेगी।  अगर आप संजय दत्त के फैन हैं तो 'भूमि' जरूर देखें ।  हमारी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार । 
 

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