60 के दशक का वो रोमांटिक हीरो चला गया...


Dec. 4, 2017, 6:20 p.m.

 

शशि 60 और 70 के दशक के जाने माने अभिनेता रहे हैं शशि कपूर।  उन्हें दादा साहब अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। पिछले कई सालों से शशि कपूर फिल्मों से दूर थे। शशि कपूर ने करीब 175 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और उनकी यादगार फिल्में रही प्यार का मौसम, जब जब फूल खिले, दीवार, शर्मीली, आ गले लग जा, कन्यादान, और चोर मचाए शोर, दीवार, सुहाग,  और त्रिशूल  । शशि कपूर की अपनी स्टाइल थी। ड़ॉयलॉग डिलीवरी का अलग तरीका था । पूरे 30 सालों तक वो बॉलीवुड में सुपर हिट फिल्में देते रहे। चार साल की उम्र से ही बलवीर पृथ्वीराज कपूर यानि शशि कपूर फिल्मों में काम करने लगे थे। फिल्मो के साथ साथ थिएटर्स में भी काम जारी रहा....18 साल की उम्र आते आते वो असिस्टेंड डायरेक्टर बन गए....लेकिन शशि कपूर को इंतजार था एक ब्रेक का ...एक ऐसी फिल्म का जिसमें वो बतौर सोलो हीरो लॉन्च हो। साल 1961 में उनका ये सपना पूरा हुआ। य़श चोपड़ा ने उन्हें फिल्म धर्मपुत्र में मौका दिया। इसके बाद विमल रॉय ने उन्हें अपनी दो फिल्मों प्रेम पत्र और बेनजीर में बतौर हीरो कास्ट किया लेकिन ये सभी फिल्में फ्लॉप रही।

 

 

शशि कपूर उस दौर के हीरोज दिलीप कुमार, देव आनंद, राज कपूर, राजेंद्र कुमार, मनोज कुमार जैसे हीरोज के बीच अपनी जगह नहीं बना पा रहे थे । उनका टैलेंट बाहर तक नहीं आ पा रहा था । शशि कपूर की पहली हिट फिल्म रही वक्त। इस फिल्म में वो शर्मिला टैगोर के साथ दिखे। लेकिन वक्त एक मल्टी स्टारर फिल्म थी और इस भीड़ में शशी कपूर कहीं खो से गए । उनके करियर में कामयाबी के फूल खिले फिल्म जब जब फूल खिले से। इस फिल्म में उनके साथ नंदा थी।  नंदा के अलावा आशा पारेख के साथ भी शशि कपूर हिट रहे । दोनों ने प्यार का मौसम और कन्यादान जैसी फिल्मों में साथ काम किया। शर्मिला टैगोर के साथ भी उनकी जोड़ी कामयाब रही। दोनों ने वक्त, आ गले लग जा, सुहाना सफर, आमने सामने सहित पाप और पुण्य जैसी फिल्मों में साथ काम किया। 

 

60 के दशक में शशि कपूर ने कई रोमांटिक फिल्मों में काम किया। उस दौर के वो चॉकलेटी हीरो थे। लेकिन 60s के आखिर में जब राजेश खन्ना बॉलीवुड में आए तो शशी कपूर का स्टारडम फीका पड़ने लगा।1969 से 1975 तक शशी कपूर लाइम लाइट से गायब रहे क्योंकि इस दौर में राजेश खन्ना का स्टारडम परवान पर था। उस दौर में राजेश खन्ना और शशि कपूर के बीच कांटे की टक्कर थी। दोनों ने एक साथ फिल्म प्रेम कहानी में काम किया था लेकिन 70 का डिकेड शशि कपूर के लिए सुकून और जरूरत से ज्यादा काम लेकर आया। इस दौर में उनके पास 150 फिल्मों के कॉन्ट्रैक्ट थे। एक दिन में वो तीन से चार फिल्मों की शूटिंग करते थे। यह देख उनके बड़े भैया राज कपूर ने उन्हें टेक्सी तक कहा था कि जब बुलाओ तक आ जाती है और मीटर डाउन रहता है। राज कपूर की ऐसी तल्खी भरी बातों की वजह ये थी कि शशि फिल्म सत्यम शिवम सुन्दर के लिए समय नहीं निकाल पा रहे थे। शशि इतने बिजी स्टार हो गए कि फिल्म मेकर मृणाल सेन कहा था कि कि शशि एक फिल्म में तौलिया लपेटकर बाथरूम में घुसते  हैं और दूसरी फिल्म में पेंट के बटन लगाते बाहर निकलते हैं। आखिर ये एक हीरो का कैसा रूप है।उस दौर में शशि कपूर इकलौते ऐसे एक्टर रहे , जिन्हें इंगलिश फिल्मों में लगातार काम करने का मौका मिला था। इसी वजह से उन्हें इंगलिश कपूर भी कहा जाता था। जेम्स आइवरी-इस्माइल मर्चेण्ट की जोड़ी की तीसरा कोण शशि कपूर थे। द हाउस होल्डर, शेक्सपीयरवाला ,बॉम्बे टॉकी और हीट एंड डस्ट उनकी मशहूर फिल्में हैं। 

 

 

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