'अब तक छप्पन 2' देखेने की सोच रहें हैं तो पहले इसे पढ़ें

3 years ago

नई दिल्ली, (27th Feb): 2004 में आई 'अब तक छप्पन' ने एक्शन के दीवानों को एक मजेदार मनोरंजन दिया। फिल्म में बॉलिवुड के बेहद ही संजीदा कलाकार माने जाने नाना पाटेकर उर्फ एनकाउंटर स्‍पेशलिस्‍ट साधु आगाशे का अभिनय इतना असरदार था कि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी धमाकेदार कमाई की।

फिल्म की सफलता को देखकर एजाज गुलाब ने अब तक छप्पन 2 बनाने का फैसला किया जो कि इस समय सिनेमाघरों में चल रही है। फिल्म को देखकर इतना कहा जा सकता है कि नाना पाटेकर का गुस्सा काफी ठंडा हो चुका है और एक्शन से ज्यादा ये एक हॉरर फिल्म है।

फिल्म की कहानी ने इस बार एक्शन से ज्यादा इमोशनल रुप धारण कर लिया है और किरदारों के नाम पर शायद सिर्फ साधु अगाशे ही नज़र आएंगे, इनके अलावा बाकी के कलाकारों को जैसे सिर्फ सजा दिया गया हो।

आशुतोष राणा को तो जैसे कॉमेडी करने के लिए ही फिल्म में रखा था। पूरी फिल्म में वो सिर्फ दर्शकों को हंसाने के ही काम आए। साधू अगाशे अपनी पत्नी की मौत के बाद फोर्स छोड़कर गोवा के एक गांव में अपने बेटे अमन के साथ रहने लगते हैं। एक दिन पुलिस फोर्स को मुंबई से अंडरवर्ल्ड का सफाया करने के लिए फिर से साधू की याद आती है। साधु आने के बाद शहर का कायपलट कर देता है लेकिन इस दौरान वो अपने बेटे को भी खो बैठता है और अंत में उसे पता चलता है कि वो जिस फोर्स के लिये ये सब कर रहा था असल में उसी ने साधु का इस्तेमाल अपने मतलब के लिये किया था।

अगर आपने इस फिल्म का फर्स्ट पार्ट देखा है तो इस फिल्म को भी देखिए। वहीं नाना की दमदार वापसी के साथ-साथ कहानी का क्लाइमैक्स आपको निराश नहीं करेगा। पिछले कुछ हफ्तो से रिलीज हो रही फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी फैमिली ऑडीअन्स के लिए कुछ नहीं है।

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