'अश्लील' शब्दों का फिल्मों में इस्तेमाल नहीं हो सकेगा, 'बॉम्बे' पर भी बैन

3 years ago
नई दिल्ली (14 फरवरी) :  सेंसर बोर्ड का चीफ बने निर्माता पहलाज निहलानी को एक महीना ही हुआ है और उन्होंने फिल्मों को साफ-सुथरा करने के नाम पर चाबुक चला दिया है। उन्होने हिंदी और अंग्रेज़ी के 36 शब्दों की सूची जारी की है जिन्हें फिल्मों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। हाल ही में लीला सैमसन के इस्तीफ़े के बाद निहलानी को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) का अध्यक्ष बनाया गया है।

अब फिल्मों में बॉम्बे शब्द का  प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। महाराष्ट्र की राजधानी को अब फिल्मों में मुंबई ही कहा जाएगा।

इसके अलावा कुछ ऐसे शब्द जो गाली के तौर पर प्रयोग में लाए जाते हैं, और जिनसे बच्चों के दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ता है, वो भी फिल्मों में इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे। उन्हें फिल्म में इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा।

 अंग्रेजी और हिंदी के शब्द जैसे कि बास्टर्ड, सन ऑफ बिच, बिच, हरा...जादे आदी कई शब्द हैं जिनका इस्तेमाल अब फिल्मों में नहीं किया जा सकेगा। यह लिस्ट यहीं पर खत्म नहीं होती बल्कि ऐसे शब्द जो सेक्स को किसी भी रूप में परिभाषित करते हों प्रयोग में नहीं लाए जा सकते।

इनके अलावा मारना, बजाना, फटना, देना जैसे शब्द बैन कर दिए गए हैं।  महिलाओं के प्रति हिंसा, दविअर्थी शब्द, खून-खराबे को बढ़ावा देने जैसे सीन भी अब बॉलीवुड फिल्मों में दिखाई नहीं देंगे।

फिल्म जगत में सेंसर बोर्ड के नए निर्देशों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सेंसर बोर्ड के एक सदस्य ने भी इसे 'रचनात्मकता की हत्या' बताया है।

 

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