कहीं फ्यूज ना हो जाए सलमान खान की ये 'ट्यूबलाइट' !

1 years ago
दिल्ली ( 23 जून )सलमान की ट्यूबलाइट की बारे में उम्मीद थी कि 4400 स्क्रीन्स पर रिलीज़ होने के साथ ही इसे कम से कम 70 फीसदी की ओपनिंग लगेगी, जो 'सुल्तान', 'बजरंगी भाईजान' और 'एक था टाइगर' को मिली ओपनिंग से कम है लेकिन सुबह से थियेटर्स में पहुंचने वाले लोगों की कमी ने इस बात की ओर ईशारा करना शुरु कर दिया कि दबंग ख़ान को ट्यूबलाइट बना देखने में लोग इंट्रेस्टेड नहीं हैं। आपको बता दे कि एडवांस बुकिंग के आंकड़ों के तौर पर सलमान की 'ट्यूबलाइट' अब तक की फ़िल्मों में 9वीं पोजिशन पर है। जो एक नज़र में देखने पर ठीक-ठाक लगता है.. लेकिन इसकी वजह - ट्यूबलाइट के टिकट्स के हैवी प्राइज़ हैं...350 से लेकर 2300 रुपए तक ट्यूबलाइट की टिकट्स बिक रही हैं। हांलाकि नंबर ऑफ़ टिकट्स रईस, चेन्नई एक्सप्रेस और पी.के और एक था टाइगर से बहुत कम बुक हुई हैं। स्क्रीन पर एंटरटेनमेंट में फ्यूज़ होती ट्यूबलाइट को बॉक्स ऑफ़िस से उम्मीद थी... क्योंकि सलमान के फैन्स को कहानी से कम... सिर्फ़ और सिर्फ़ सलमान से मतलब होता है। लेकिन ओपनिंग शोज़ में मुंबई, इंदौर और अहमदाबाद जैसे शहरों में सिर्फ़ 35 से 40 फीसदी की ओपनिंग - इस बात का ईशारा करते नज़र आए कि सलमान के हार्डकोर फैन्स भी उन्हे - एक्शन अवतार में देखना चाहते हैं...इमोशन के आंसू बहाते नहीं। टिमटिमाती ट्यूबलाइट को दिल्ली, चंडीगढ़ और लखनऊ के कुछ सेंटर्स पर ज़्यादा से ज़्यादा 50 परसेंट की ओपनिंग मिली है। लेकिन ये ओपनिंग भी सलमान की फ़िल्म के मुताबिक सबसे कम है। बॉलीवुड के बाहुबली बनने निकले सलमान की ट्यूबलाइट पर ट्रेड पंडितो का कहना है कि इसका ओपनिंग डे कलेक्सन मुश्किलों से 25 से 28 करोड़ का होगा। हांलाकि कलेक्शन के मामले में 'ट्यूबलाइट' के पास अभी मौका है...वीकेंड बस शुरु हुआ है। ईद की छुट्टियां - ट्यूबलाइट को टिमटिमाने से आगे बढ़ाकर जगमगा भी सकती हैं। लेकिन ऑडियंस रिएक्शन और बैड रिव्यूज़ ट्यूबलाइट को फ्यूज़ भी कर सकते हैं...। देखा जाए तो इस बार सलमान का सम्मान दांव पर हैंअगले चार दिनों में बॉक्स ऑफ़िस पर ट्यूबलाइट की परफॉरमेंस पर नज़र बनी रहेगी...। उधर पाकिस्तान में अब तक ट्यूबलाइट की रिलीज़ पर कोई फैसला हो नहीं पाया है... और ज़ू-ज़ू को फ़िल्म में लेकर उसे चाइना में रिलीज़ करने की प्लानिंग भी परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। ट्यूबलाइट के लिए ख़बर अच्छी नहीं है लेकिन उम्मीद पर दुनिया कायम है...

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