किसानों की मदद के लिए तारे ज़मीं पर

3 years ago

नई दिल्ली(16th September): भारत गांव प्रधान देश है। लेकिन ये बात सिर्फ पढ़ने में ही अच्छी लगती है। असल में देश में, खासकर महाराष्ट्र के विदर्भ में किसानों की हालत कितनी ख़राब है, ये किसी से छुपा नहीं है। महाराष्ट्र में किसानों के आंसू पोछने के लिए अब मायानगरी से जुड़े कई सितारों ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। अजिंक्य रहाणे जैसे क्रिकेटर भी इस काम में पीछे नहीं है।

नाना पाटेकर: नेशनल अवार्ड विजेता एक्टर नाना पाटेकर ने पिछले दिनों महाराष्ट्र में सूखे से पीड़ित होकर आत्महत्या करने वाले किसानों की 113 विधवाओं के लिए 16 लाख रुपए दान किए। नाना पाटेकर ने कहा, ''सूखा एक प्राकृतिक आपदा है। इसके लिए सरकार या अधिकारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।'' जब उनसे पूछा गया कि नेशनल अवार्ड जीतने या दान का काम करने में कौन सा काम ज्यादा संतुष्टि देता है, तो नाना ने कहा, ''ईमानदारी से कहूं, ऐसी जगहों पर जाना और कम उम्र में ही विधवा हो गई इन महिलाओं को 15,000 रुपए का चेक पाने पर मेरे पैरों को छूते देखना मेरे लिए बहुत दर्दनाक है। ''

मकरंद अनसपुरे: नाना के साथ मराठी एक्टर मकरंद अनसपुरे ने भी प्रत्येक विधवा महिला को 15-15 हजार रुपए दान किए। गौरतलब है, महाराष्ट्र में फसलों का नुकसान झेल रहे और कर्ज में डूबे किसानों में से करीब 660 किसानों ने साल 2015 में आत्महत्या की। जबकि साल 2014 में आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या 628 थी।

अक्षय कुमार:'बॉलिवुड के खिलाड़ी' अक्षय कुमार भी किसानों की मदद के लिए आगे आए हैं। मराठवाड़ा में सूखे की मार झेल रहे किसानों की मदद के लिए उन्होंने 90 लाख रुपए दान करने की घोषणा की है। नाना पाटेकर के द्वारा 'नाम फाउंडेशन' की स्थापना किए जाने के बाद अक्षय ने भी किसानों की मदद के लिए फैसला किया। अक्षय अगले 6 महीने तक हर महीने 15 लाख रुपए दान करेंगे।

अजिंक्य रहाणे: सोमवार को टीम इंडिया के सदस्य अजिंक्य रहाणे ने भी 5 लाख रुपए किसानों के लिए दान किए। रहाणे ने मुख्यमंत्री राहत कोष में यह राशि जमा कराई।

सलमान खान: बॉलिवुड के भाईजान सलमान खान भी चैरिटी के कामों के लिए अपने फाउंडेशन 'बीइंग ह्यूमन' के ज़रिए जाने जाते हैं। हाल ही में आई उनकी फिल्म 'बजरंगी भाईजान' की कमाई का एक हिस्से को उन्होंने किसानों को दान करने की बात कही थी। ये जानकारी बीजेपी नेता शाइना एनसी ने कुछ दिन पहले दी थी। शाइना ने बताया था कि सलमान के साथ फिल्म के सहनिर्माता रॉकलाइन वेंकटेश भी अपने हिस्से से इस काम के लिए दान करेंगे। सिर्फ किसान ही नहीं समाज के और वर्गों की मदद के लिए भी ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़े सितारे कई तरीके से अपना योगदान दे रहे हैं।

शबाना आज़मी: शबाना आजमी सिर्फ एक्टर ही नहीं हैं बल्कि वह सामाजिक कार्यों से शिद्दत के साथ जुड़ी हैं। शबाना मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के क्षेत्र में काम करती रही हैं। इसके साथ ही एड्स से जुडी गलत धारणाओं और इससे पीड़ितों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ वह आवाज उठाती रही हैं। कई साल से वे मिज़बान वेलफेयर सोसाइटी (एमडब्ल्यूएस) एनजीओ के साथ सक्रिय रही हैं। इस एनजीओ की स्थापना उनके पिता स्वर्गीय कैफी आज़मी ने की थी। कैफी आजमी के निधन के बाद शबाना ने उनके ख्वाब को आगे बढ़ाने का फैसला किया। शबाना कहती हैं, ''मेरे पिता का मानना था कि भारत की आर्थिक तरक्की का कोई मतलब नहीं है जब तक यह ग्रामीण भारत तक नहीं पहुंचती। यहां 80 प्रतिशत आबादी रहती है लेकिन अवसरों से वंचित ही रहती है।'' शबाना कूड़ा ढ़ोने वालों, कश्मीर पंडितों के मुद्दे के साथ और लातूर (महाराष्ट्र) के भूकम्प पीडितों के लिए भी काम करती रही हैं। वह यूएनपीएफ की एक गुडविल अम्बेसडर भी रह चुकी हैं।

नंदिता दास: नंदिता दास ने अपने एक्टिंग, डायरेक्शन के करियर में अपनी बिल्कुल एक अलग पहचान बनाई है। वह एक लेखक होने के साथ समाज की भलाई के लिए सक्रिय रूप से काम करती रही हैं। वह समाजिक विषयों से जुड़ी एड-फिल्म बनाने के लिए बनाई गई एक एडवर्टाइजिंग संस्था 'लीपफ्राग' की सह-संस्थापक भी हैं। नंदिता भारत में ताकतवर सामाजिक अभियानों की जरूरत जैसे विषयों पर भी मुखर होकर बोलती रही हैं। दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क से ग्रैजुएट नंदिता चाइल्ड सर्वाइवल, एड्स, महिला विरोधी हिंसा के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। उन्हें 2009 में चिल्ड्रन्स फिल्म सोसाइटी आफ इंडिया का चेयरपर्सन भी बनाया गया था। हाल ही में उन्होंने 'डार्क इज ब्यूटीफुल' अभियान का चेहरा बनकर त्वचा के रंग के आधार पर होने वाले भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई थी।

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