लता मंगेशकर ने गाया था आदेश के लिए पहला गाना

3 years ago

मुंबई(5th September): कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लंबे समय तक लड़ने के बाद संगीतकार आदेश श्रीवास्तव ने देर रात 12.30 बजे अंतिम सांस ली। आदेश का पिछले 45 दिनों से अंधेरी के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाज चल रहा था और हाल ही में डॉक्टरों ने उनके इलाज से हाथ खड़े कर, कीमियोथेरेपी भी बंद कर दी थी। 4 सितंबर 1965 को जन्मे आदेश 100 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में गीत दिए। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'वेलकम बैक' का म्‍यूजिक आदेश ने ही कंपोज किया था।

निजी जिंदगी

आदेश का जन्म जबलपुर के कायस्थ परिवार में हुआ था। आदेश श्रीवास्तव की शादी विजेता पंडित से हुई। विजेता मशहूर संगीतकार जतिन-ललित, सुलक्ष्ना पंडित की बहन हैं। आदेश के अनिवेश और अवितेश नाम के दो बेटे हैं। साल 2010 में आदेश को कैंसर की बीमारी का पता चला। इसके बाद उनका इलाज होना शुरू हुआ। आदेश कैंसर जैसी बीमारी पर दो बार जीत हासिल कर चुके थे।

करियर

साल 1993 में श्रीवास्तव ने 'कन्यादान' फिल्म से अपने करियर की शुरूआत की। आदेश के लिए पहला गाना दिग्गज गायिका लता मंगेशकर ने गाया था। हालांकि ये फिल्म रिलीज नहीं हो सकी जिसके कारण यह गाना प्रकाश में नहीं आ सका और यही चीज 'जानें तमन्ना' के साथ भी हुई। लेकिन हार नहीं मानने वाले आदेश ने 'आओ प्यार करें' से वापसी की। फिल्म का 'हाथों में आ गया जो कल रुमाल आपका गाना' हिट साबित हुआ। इस गाने से ही आदेश को पहचान मिली। साल 2005 में आदेश रियल्टी टीवी शो 'सारे गामा पा चैलेंज' में बतौर जज आए। आदेश बतौर प्लेबैक सिंगर 17 फिल्मों में गाना भी गाए, वहीं 25 फिल्मों में बैकग्राउंड म्यूजिक भी दिया। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि 'आंखें' फिल्म का गाना है 'गुस्ताखियां हैं...', और प्रकाश झा की 'राजनीति' का गाना 'मोरा पिया मोसे बोलत नाही...' बहुत पसंद था। आदेश ने चलते चलते, बाबुल, बागबान, कभी खुशी कभी गम, राजनीति और देव जैसी फिल्मों में गीत दिया। वहीं साल 2000 में आई फिल्म 'रिफ्यूजी' के लिए उनको आइफा अवॉर्ड भी मिल चुका है।

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