सलमान खान केस: ये हैं सभी गवाहों के बयान

3 years ago

मुंबई (6th May): सलमान खान से जुड़े साल 2002 के हिट ऐंड रन केस में अभियोजन पक्ष की ओर से जिन गवाहों को पेश किया गया उनसे इस केस को समझा जा सकता है। इस मामले के पहले गवाह रवींद्र हिम्मतराव पाटिल मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। पाटिल की मौत 2007 में टीबी से हो गई थी। घटना के दिन 28 सितंबर, 2002 को वह सलमान के पुलिस एस्कॉर्ट पर तैनात थे।

बांद्रा के चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट को दिए अपने बयान में उन्होंने बताया था कि घटना के दिन सलमान अपने भाई कमाल खान के साथ एक पार्टी में शामिल होने जुहू जा रहे थे। पाटिल ने बताया था कि सलमान गाड़ी खुद चला रहे थे और बार से निकलने के बाद वे जेडब्ल्यू मैरियट होटेल गए थे। वे रात के सवा दो बजे मैरियट से निकले।

कॉन्स्टेबल पाटिल ने बताया, 'अभियुक्त नशे में थे और कार चला रहे थे। हम सेंट एंड्रयूज रोड पर आए और उनकी कार की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर की रफ्तार थी। मैंने अभियुक्त से रफ्तार कम करने के लिए कहा क्योंकि आगे दाहिनी ओर एक मोड़ आने वाला था। मोड़ पर अभियुक्त अपनी कार पर कंट्रोल नहीं रख सके और गाड़ी फुटपाथ पर चढ़ गई। वहां लोग फुटपाथ पर सो रहे थे। सलमान और कमाल मौका-ए-वारदात से फरार हो गए।"

मामले के दूसरे गवाह मुस्लिम नियामत शेख का बायां पैर घटना में जख्मी हो गया था। अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी में काम करने वाले नियामत शेख ने कोर्ट से कहा, 'मैंने एक आवाज़ सुनी और मैंने खुद को कार के नीचे पाया। बेकरी के लोगों ने मेरी मदद की। लोग कह रहे थे कि सलमान खान कार से नीचे उतरे थे।'

उन्होंने अपने बयान में ये भी कहा कि सलमान को उन्होंने कार की दाहिनी तरफ से नीचे उतरते देखा। हालांकि जिरह के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि उनका बयान घटना के ढाई महीने बाद रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले बांद्रा के चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट में नियामत ने कहा कि उन्होंने ये नहीं देखा कि ड्राइवर वाली सीट या बायीं तरफ से कौन बाहर निकला था।

घटना के तीसरे गवाह मुन्नू खान भी अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी में मजदूर थे और घटना में उनका दाहिना पैर जख्मी हुआ था। कोर्ट को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि कार में तीन लोग थे। सलमान ड्राइवर वाली सीट की तरफ से बाहर निकले। उनका एक बॉडीगार्ड भी गाड़ी से बाहर निकला जबकि तीसरा आदमी गाड़ी के पीछे से बाहर निकला। मुन्नू खान के मुताबिक, 'सलमान खान नशे की वजह से गिर पड़े। वे खड़े हुए और फिर गिर पड़े। और उसके बाद वे वहां से भाग गए...' हालांकि बाद में जिरह के दौरान वे ये नहीं बता सके कि सलमान खान के नशे में होने की बात को पुलिस के सामने दिए गए उनके बयान में क्यों नहीं दर्ज किया गया।

चौथे गवाह कलीम इकबाल पठान भी घायल होने वाले लोगों में से एक थे। कोर्ट में उन्होंने कहा, 'गाड़ी सफेद रंग की थी। सलमान दाहिनी तरफ से बाहर निकले।' बाद में जिरह के दौरान उन्होंने कहा, 'अंधेरे की वजह से वे ये नहीं जानते कि गाड़ी बेकरी की सीढ़ियों पर चढ़ी थी या नहीं।' पठान उन लोगों की पहचान भी नहीं कर सके जो उन्हें बचाने के लिए आए थे।

मामले के पांचवें गवाह रेन बार में काम करने वाले मलय बाग ने बताया कि 27 सितंबर, 2002 को उन्होंने सलमान खान और उनके दोस्तों की खिदमत कर रहे थे। कोर्ट में उन्होंने कहा, 'उनकी टेबल पर मैंने वाइट रम और शराब रखी। उन्होंने प्रॉन और चिकेन के लिए भी कहा था।' जिरह के दौरान मलय अपने बयान पर कायम रहे।

मामले के छठे गवाह ने कॉन्स्टेबल बालू लक्ष्मण मुथे घटना के दिन सलमान के भाई सोहेल खान की सुरक्षा में ड्यूटी पर थे। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'सलमान, कमाल और सोहेल रेन बार से 28 सितंबर, 2002 के दिन रात दो बजे के करीब बाहर आए। मैं सोहेल के साथ वहां से घर चला गया। तीन बजे के वक्त किसी ने आकर बताया कि सलमान की कार का ऐक्सिडेंट हो गया है। मैंने सोहेल को बताया और वहां से हम मौके पर पहुंचे। सलमान वहां पर नहीं थे।' जिरह के दौरान कॉन्स्टेबल बालू अपने बयान पर कायम रहे।

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