सेंसर बोर्ड ने बैन हुए 'आपत्तिजनक' शब्दों की सूची को हटाया

3 years ago

नई दिल्ली (1 August): केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) ने फिल्मों में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित आपत्तिजनक शब्दों की सूची को अब हटा लिया है। इस सूची को पहलाज निहलानी के सेंसर बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद जारी किया गया था। बोर्ड के अधिकांश सदस्यों के इसके विरोध में वोटिंग करने के बाद इसे हटाया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को इस संबंध में शुक्रवार को मुंबई में एक बैठक हुई। जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा हुई। इस बैठक में बहुमत में सदस्यों की राय रही कि फिल्मों में इस तरह के शब्दों को बैन करने के बजाय इन्हें फिल्म के संदर्भ में ही देखा जाए। बैठक में मौजूद रहने वाले सेंसर बोर्ड के एक सदस्य ने बताया, ''इस मुद्दे पर चर्चा हुई और ज्यादातर सदस्यों ने इस सूची को वापस लेने का समर्थन किया। क्योंकि ज्यादातर संख्या में लोगों की राय यही थी, इसलिए यह फैसला किया गया।''

बता दें, फिल्मों में इस्तेमाल होने वाले ''आपत्तिजनक'' और ''गालियों'' को प्रतिबंधित करने के लिए एक सूची बनाई गई थी। जिसे सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष निहलानी ने वितरित किया जिसके बाद काफी विवाद हुआ। विवाद के बाद सेंसर बोर्ड ने इसे लागू करने से रोंक दिया। इस सूची को लागू करने से पहले पुनर्विचार करने का फैसला किया गया। इस सूची को लेकर तमाम फिल्मकारों ने विरोध जताया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में फिल्मों के प्रमाणन के लिए 'तत्काल' स्कीम के लिए भी चर्चा की गई। ये स्कीम उन फिल्मकारों के लिए होगी जो अपनी फिल्मों को जल्दी प्रमाणिक करवाना चाहते हैं। इसके लिए आवेदन करने के लिए उन्हें ज्यादा फीस चुकानी होगी।

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