3 इडियट्स में इनसे प्रभाविक था आमिर का 'फुंगशुक वांगडू' वाला किरदार

3 years ago

नई दिल्ली (1st June): आमिर खान को फिल्म 3 इडियट्स में फुंगशुक वांगडू नाम के एक बेमिसाल टीचर को रोल में देखकर अगर आप भी काफी प्रभावित हुए तो जान लें कि असल जिंदगी में सोनम वांगचुक वर्षों से ऐसा ही एक मिशन चला रहे हैं। वे बर्फीले रेगिस्तान में बच्चों की शिक्षा में सुधार का बीड़ा उठाए हुए हैं। सोनम और उनके साथियों ने 1988 में एक अभियान खड़ा कर दिया था जिसे स्टूडेंट एजुकेशनल ऐंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख यानी सेकमॉल कहा जाता है।

उनका अभियान सर्वशिक्षा अभियान से 10 साल पहले शुरू हो चुका था। इसमें वे छात्र आते हैं, जिन्हें सरकार फेल कर देती है। ये आगे जाकर वैज्ञानिक, कारोबारी बने हैं। उनके सैकड़ों विद्यार्थी बड़े ओहदों पर पहुंचे हैं। वांगचुक कहते हैं इंजिनियरिंग उनका शौक है और अब वह वैकल्पिक यूनिवर्सिटी पर काम कर रहे हैं। इसमें बच्चे हाथ से काम करके सीख रहे हैं। वे बताते हैं कि 2008 की बात है। 3 इडियट्स फिल्म की शूटिंग शुरू होने से 4 महीने पहले वे आमिर से मुंबई में एक अवॉर्ड फंक्शन में मिले थे। वहां वांगचुक के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई थी। वे कहते हैं कि आमिर खान का किरदार मुझसे प्रेरित नहीं था, लेकिन मेरे जीवन से उनका किरदार पूरी तरह से प्रभावित जरूर लगता है।

वे पीने के पानी और खेती के लिए भी अपने स्टूडेंट्स के साथ अभियान चलाए हुए हैं। लद्दाख में खेती और वृक्षारोपण के लिए वांगचुक ने एक तरीका और निकाला। इसमें स्थानीय लोगों से कहा कि वे बर्फ के स्तूप बनाएं, जो 40 मीटर तक ऊंचे रहें। इस तरह के एक स्तूप से 10 हेक्टेयर जमीन को सिंचित किया जाता है। करीब 1 करोड़ 60 लाख लीटर पानी की व्यवस्था एक स्तूप से होती है। उन्होंने लद्दाख में इस तरह के स्तूप का पायलट बना रखा है। अगले साल करीब 90 ऐसे स्तूप और बनाए जाएंगे। सर्दियों में बनाए स्तूपों की बर्फ जून तक बनी रहेगी। उनका फाउंडेशन लेह से 18 किमी दूर है, लेकिन फिर भी वे पूरे इलाके में सक्रिय रहते हैं।

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