Love Story- दिलचस्प है जगजीत सिंह की प्रेमकहानी, चित्रा के पति से मांगा था उनका हाथ

3 months ago

आज एक ऐसी महान शख्सियत की बर्थ एनिवर्सिरी है जिनकी जिंदगी के कुछ राज और कुछ अहम बातें आपको बताने जा रहे है। ये शख्सियत कोई और नहीं बल्कि मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह है। आज भले ही वो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें हमारे दिलों में बसी हुई हैं। आज अगर हम और आप गजल सुनना पसंद करते हैं तो वो सिर्फ जगजीत सिंह की वजह से ही है। जगजीत सिंह की जिंदगी काफी उतार चढ़ाव से भरी हुई थी। 8 फरवरी 1941 को राजस्थान के गंगानगर में जगजीत सिंह का जन्म हुआ था।

 भले ही उनकी पैदाइश राजस्थान के गंगानगर की हो, लेकिन पुश्तैनी गांव था पंजाब के रोपड़ जिले का दल्ला गांव था। उनके पिता सरदार अमर सिंह धमानी भारत सरकार के कर्मचारी थे। जगजीत का बचपन का नाम जीत था। करोड़ों सुनने वालों के चलते वह कुछ ही दशकों में जग को जीतने वाले जगजीत बन गए। हर मां-बाप की तरह उनके माता-पिता भी चाहते थे कि वो पढ़ाई लिखाई करें और कोई अफसर बन जाएं। लेकिन किस्मत उन्हें किसी औऱ ही रास्ते पर ले गई और उन्होंने करियर सिंगिंग में बना लिया। 

जगजीत सिंह की गजलें जितनी मशहूर रहीं उतनी ही लवलाइफ भी उथल पुथल भरी रही। जगजीत सिंह की जिंदगी में चित्रा सिंह उनकी पत्नी बनकर आईं थी। चित्रा सिंह की पहली शादी एक अधिकारी देबू प्रसाद दत्‍ता से हुई थी। दोनों की लवस्टोरी काफी दिलचस्प रही। चित्रा मुंबई में जहां रहती थीं। वहां अक्सर जगजीत आते जाते रहते थे। दरअसल चित्रा के सामने वाले घर में एक गुजराती परिवार रहता था। इसी परिवार में अक्सर जगजीत का आना जाना लगा रहता था। यहां वो अपने गानों की रिकॉर्डिंग करते थे। एक दिन चित्रा को सामने से आवाज सुनाई दी। जगजीत के जाने के बाद चित्रा ने पड़ोसी से पूछा क्‍या मामला है। 

पड़ोसी ने जगजीत की जमकर तारीफ की और उनकी रिकॉर्डिंग सुनाई। कुछ देर बाद चित्रा ने उनकी गायकी सुनकर कहा,' छी. ये भी कोई सिंगर है। चित्रा पहले से ही शादीशुदा थी। लेकिन कहते ना कि प्यार पर किसी का जोर नहीं चलता है। चित्रा खुद भी सिंगर थी। साल 1967 में जब  जगजीत सिंह और चित्रा एक ही स्‍टूडियो में रिकॉर्ड कर रहे थे। इस दौरान उनकी बात हुई। रिकार्डिंग के बाद चित्रा ने कहा कि, मेरा ड्राईवर आपको आपके घर तक छोड़ देगा. 

रास्‍ते में चित्रा का घर आया तो उन्‍होंने जगजीत को चाय पर बुलाया। घर आकर चित्रा चाय बना रही थीं तभी जगजीत ने चित्रा को एक गजल सुनाई औऱ वो इंप्रेस हो गईं। इसके बाद तो दोनों का मिलना-जुलना शुरू हो गया। दोनों धीरे धीरे एक दूसरे को पसंद करने लगे थे। उधऱ चित्रा की उनके पति देबू से दूरियां बढ़ रही थीं। देबू भी किसी और को पसंद करने लगे थे। बाद में दूरियां आईं तो दोनों एक दूसरे से पूछकर औऱ रजामंदी से ही तलाक कर लिया।

 1970 में देबू ने भी दूसरी शादी कर ली। वहीं जगजीत खुद चित्रा के पति देबू के पास गए थे और उन्होंने चित्रा का उनसे हाथ मांगा था। उन्होंने कहा था कि वो चित्रा से शादी करना चाहते हैं। देबू ने भी इसकी परमिशन दे दी थी। इसके बाद चित्रा औऱ देबू की शादी हो गई। इनकी शादी सिर्फ 30 रुपये में हो गई थी। तबला प्लेयर हरीश ने पुजारी का इंतजाम किया था और गजल गायक सिंगर भूपिंदर सिंह दो माला और मिठाई लाये थे। ऐसे दोनों ने शादी कर अपना घर बसा लिय़ा। 

लेकिन साल 1980 में जगजीत सिंह के बेटे विवेक की मात्र 18 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इस घटना से चित्रा बहुत टूट गईं थी। आलम ये था उन्होंने सिंगिंग की दुनिया को छोड़ने का मन बना लिया था। हालांकि बाद में उन्होंने खुद को संभाला था। चित्रा औऱ जगजीत सिंह ने साथ में कई गाने और गजलें गाईं जो हिट रही थी।

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