बॉलीवुड का खिलाड़ी अब इंडिया का भारत कुमार बन चुका है

1 years ago

 

 

हिंदी सिनेमा में अक्षय कुमार की पहचान खिलाड़ी कुमार के तौर पर रही है लेकिन धीरे धीरे इस खिलाड़ी की छवि एक देशभक्त की बन  गई। अक्षय इंडिया के नए भारत कुमार बन चुके हैं। टॉयलेट एक प्रेम कथा ,बेबी, एयरलिफ्ट, रुस्तम , हॉलीडे  और नमस्ते लंदन वो फिल्में हैं जिनमें खिलाड़ी कुमार ने दिखाया किस कदर उनके दिल में बसता है इंडिया। किस कदर वो अपने देश से करते हैं प्यार। अक्षय चुन-चुन कर ऐसा रोल कर रहे है - जो उन्हें नेशनल हीरो बनाए । वो आर्मी वालों को सलाम करते हुए - हॉलीडे बनाते है।करप्ट सिस्टम से भिड़ने के लिए  गब्बर बन जाते् है । नेवी के लिए - रुस्तम बनते हैं । सीक्रेट सर्विस के लिए बेबी मिशन पर जाता हैनेशनल फ्लैग लेकर एयलिफ्ट करत् हैं  और स्वच्छ भारत के लिए - एक ऐसी देसी लवस्टोरी बनता है... जिसमें टॉयलेट वाला ट्विस्ट है और अब वो गांव की महिलाओं को सैनटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की मुहिम छेड़े हुए हैं। 

इंडिया का हीरो बनकर - अक्षय लोगों को स्वच्छ भारत का पाठ पढ़ाने निकल चुके हैं। अक्षय की फिल्में अक्षय की फिल्में अब देशभक्ति का जज्बा दिखाती है, वतन पर जान कुर्बान कर देने का पाठ पढ़ाती है। अक्षय कुमार फिल्मी परदे पर कभी देशभक्त एनआरआई बने अपनी फिल्मों में खिलाड़ी कुमार ने हमेशा ही भारत माता के आन, बान और शान की रक्षा की । फिल्मी पर्दे पर अक्षय कुमार की छवि एक देशभक्त हीरो रही ही है । लेकिन ये देशभक्ति रंगीन पर्दे पर ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी खुद में उतार चुके है अक्षय । छत्तीसगढ़ के सुकमा में  शहीद हुए सीआरपीएफ के 12 शहीद जवानों के परिवार वालों के लिए मसीहा बने अक्षय कुमार । 11 मार्च 2017 को सुकमा में शहीद हुए जवानों  के परिवार वालों को अक्षय कुमार ने दिया है एक करोड़ 8 लाख रुपये । हर शहीद जवान के परिवार वालों को अक्षय दे रहे है 9 लाख रुपये ।  अक्षय के इस उदारता की ताऱीफ सीआरपीएफ ने ही नहीं बल्कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी की है। 

जब जब देश के सैनिकों ने शहादत दी या फिर उनपर आतंकी हमला हुआ ...खिलाड़ी कुमार ने एक देशभक्त हीरो की तरह सामने आए । कभी सोशल मीडिया पर वीडियों डालकर सैनिकों का हौंसला बढ़ाया तो कभी शहीद के परिवारों को मदद पहुंचाकर मानवता की मिसाल कायम की। असम के तिनसुकिया में उल्फा आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए एन.के. नरपत सिंह के परिवार के लिए भी अक्षय बने मददगार । नरपतसिंह अपने पीछे पत्नी और तीन बेटियां छोड़ गए। जैसे ही यह खबर अक्षय कुमार तक पहुंची उन्होंने परिवार वालों के अकाउंट में 9 लाख रुपए की जमा करवाए । 

एक साल  पहले सेना के शहीद जवानों के परिजनों को आर्थिक मदद देने के लिए अक्षय कुमार ने एक ऐप भी शुरू किया है जिसके जरिए आम लोग अपने सामर्थ्य के हिसाब से शहीद के परिवार की मदद कर सकते हैं । महाराष्ट्र में सूखा पड़ा और किसानों ने आत्महत्या करनी शुरू की  तब भी अक्षय कुमार मदद के लिए सबसे पहले दौड़े। अक्षय पिछले दो साल से  महाराष्ट्र के सूखा पीड़ित परिवारों की आर्थिक रुप से मदद कर रहें हैं। ।अक्षय हर महीने करीब 50 हजार से 1 लाख तक की रकम इन परिवारों को दे रहें हैं। ये पैसा एक NGO के जरिए करीब 30 परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। अक्षय कुमार की दरियादिली  ने ये साबित कर दिया है कि वो सिर्फ रियल लाइफ में भी किसी हीरो से कम नहीं हैं।