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अंश अरोड़ा पर गाजियाबाद पुलिस का टॉर्चर, मामूली बहस पर एक्टर को इतना पीटा की ICU में भर्ती करना पड़ा !

May 18, 2019, 6:27 p.m.

यूपी का जिला गाजियाबाद क्राइम के लिए मशहूर है लेकिन यहां की पुलिस भी कम नहीं हैं। गाजियाबाद पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने टीवी एक्टर अंश अरोड़ा की बिना बात जमकर पिटाई की।  एक्टर की माने तो उन्हें गाजियाबाद पुलिस ने जबर्दस्ती गिरफ्तार किया और उन्हें थर्ड डिग्री टार्चर दिया। गाजियाबाद पुलिस ने अंश को इतना पीटा कि वो नई दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं। अंश अरोड़ा का कहना है कि "11 मई की रात में मैं  गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) के वैशाली सेक्टर-5 स्थित 24x7 शॉप्रिक्स मॉल स्टोर में गया था। उस रात मैंने कुछ चीजें खरीदीं और एक बर्गर ऑर्डर किया, जिसे आबे में तकरीबन 35-40 मिनट का वक्त लग रहा था। इसलिए मैंने स्टोर के कैशियर को ऑर्डर कैंसिल करने को कहा।  कैशियर का कहना था कि वह आर्डर कैंसिल नहीं कर सकता। इसी बात को लेकर मेरे और कैशियर के बीच में बहस हो गई और मैंने सारा सामान काउंटर पर पटक दिया और गुस्से में वहां से निकल गया। ''

अंश के मुताबिक दूसरे दिन रात में वो फिर उसी स्टोर में गए। उन्होंने सोचा था कि वो मामले को सुलझा लेंगे लेकिन 27X7 स्टोर वालों ने पुलिस को बुला लिया और उन्होंने अंश को CRPC के सेक्शन S-151 के अंतर्गत जबरदस्ती गिरफ्तार कर लिया। दुकार के बाहर कार के पास खड़े उनके छोटे भाई को भी पुलिस उठाकर ले गई। दोनों भाइयों के मोबाइल फोन भी छीन लिए और फिर थाने ले जाते ही दोनों भाईयों की पिटाई शुरू कर दी। अंश के मुताबिक, " मैं दया की भीख मांग रहा था, लेकिन पुलिसवाले मुझे मारते रहे। लगभग आधे घंटे तक मेरे साथ अमानवीय तरीके से पिटाई करने के बाद, उन्होंने मुझे घसीटा और वापस लॉकअप में फेंक दिया।जब हम दोनों भाई रातभर घर नहीं लौटे तो सुबह 9-10 बजे के आसपास माता-पिता चिंता में हमें ढूंढने निकले और जब वो इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां पूछताछ के बाद उन्हें हमारे में सूचित किया गया। उसी दिन हमें संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।  जमानत मिलने के बाद ही मुझे और मेरे भाई को हमारे माता-पिता द्वारा अस्पताल ले जाया गया।"

अंश का कहना है कि पुलिसवाले एक मामूली झड़प पर हमें ऐसे पीट रहे थे मानों हमने कोई बड़ा गुनाह किया हो। उन्होंने बताया कि दो पुलिसवाले मेरे बाल पकड़कर मुझे खींचते हुए उसी कमरे में ले गए, मुझे उन्होंने थर्ड डिग्री का टॉर्चर दिया। चमड़े के बल्ले और प्लास्टिक के डंडे से मुझे पीटते रहे। मैं दया की भीख मांगता रहा। लेकिन उन्होंने मुझे बेरहमी से पीटा और कहा 40 बार तेरे पैर के तलवे पर इस चमड़े के बल्ले से मारूँगा और गिनती तू करेगा। उन्होंने मुझे चेतावनी भी दी कि अगर मैं गिनती भूला या बीच में छोड़ी तो मुझे फिर से गिनती शुरू करनी होगी और पिटाई भी उतनी ही लगेगी। उन्होंने मेरे पैरों पर मारना शुरू किया तो मैं दर्द में तड़प रहा था और कई बार गिन भी नहीं पा रहा था। लेकिन पुलिसकर्मी जमीन पर लिटाकर मेरे पैरों के तलवे पर चमड़े के बल्ले से बेरहमी से पीट रहे थे। '' 

इस मामले में अब तक गाजियाबाद पुलिस का बयान नहीं आया है। आपको बता दे कि अंश अगले दिन उन्हें ICU में एडमिट कराना पड़ा । उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में अभी टाइम लगेगा।  एक्टर ने National Commission of Human Rights से पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है ।