बॉलीवुड के मशहूर गीतकार गुलजार पर बनेगी फिल्म? दो एक्ट्रेसेस की निजी जिंदगी की कहानी आएगी सामने

3 months ago

गुलज़ार बॉलीवुड का ऐसा नयाब हीरा हैं जो किसी इंट्रोडक्शन के मौहताज नहीं। अब भला उनके लिए क्या ही लिखा जाए जिनकी कलम से फिल्म आनन्द के सदाबहार डायलॉग्स निकले हों। फिल्म आंधी के सॉंग तेरे बिना ज़िन्दगी के लिरिक्स निकले होंऔर अवार्ड विनिंग फिल्म माचिस की कहानी लिखी हो। इतनी बेहतरीन खुबियों के मालिक गुलज़ार की एक इच्छा है। एक इवेंट में आए गुलज़ार साहब ने खुदपर बायोपिक बनाने की इच्छा ज़ाहिर की है।

 बॉलीवुड में बायोपिक का ट्रेंड ज़ोरो पर है। संजय दत्त की बायोपिक संजू के ब्लॉकबस्टर होने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों कई बायोपिक फिल्में बन रही हैं। गुलजार साहब की जिंदगी की कहानी बहुत दिलचस्प है। गुलजार का नाम उनके करियर के शुरुआती दिनों में मीना कुमारी से जुड़ा। कहते हैं मीना ने अपनी सभी शायरी गुलजार को दे दी थी। गुलजार के लिखे गीतों पर मीना की शायरी का असर दिखा। 

लजार और मीना की कहानी भी उनकी जिंदगी का एक अहम हिस्सा रहा है। मां की मौत के बाद गुलजार बहुत दुखी रहा करते थे। अपनी ज़िंदगी के दर्द साथ लिए चलते गुलज़ार को एक हमदर्द - मीना कुमारी के तौर पर मिला।  गुलजार  मीना कुमारी के शायराना अंदाज और अदाकारी पर फिदा थे, तो मीना कुमारी नौजवान शायर के अंदाज-ए-बयां पर.फुरसत के लम्हों में दोनों शेर-ओ-शायरी पर बातें करतें.और दुनिया इसे मुहब्बत मानती। 

इस आग को और हवा मिली, जब 1963 में गुलजार साहब ने अपनी पहली किताब को मीना कुमारी के नाम कर दिया.और मौत से पहले मीना कुमारी ने तो अपनी तमाम डायरियां गुलजार के नाम वसीयत कर दीं। ये दोस्ती इतनी गहरी रही कि मीना कुमारी की सेहत के लिए गुलज़ार रोज़े रखते रहें.और मीना कुमारी ने बीमारी के बाद भी गुलज़ार की पहली फ़िल्म - मेरे अपने की शूटिंग पूरी की। इस फ़िल्म ने उन्हे बतौर डायरेक्टर इंडस्ट्री में जमा दिया। 1971 के इसी साल में गुलज़ार को फ़िल्म आनंद के लिए गुलज़ार को बेस्ट डायलॉग के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला। लेकिन गुलजार की फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनी और मीना कुमारी दुनिया से रूखसत हो गईं। 

गुलजार की जिंदगी में राखी भी काफी महत्व रखती है। राखी गुलजार के बांग्ला प्रेम से बहुत प्रभावित हुई। गुलजार अब तक फिल्म जगत में एक बड़ा नाम बन चुके थे। लेखक और गीतकार के रूप में ही नहीं, निर्माता-निर्देशक के रूप में भी वे नाम कमा चुके थे। दूसरी ओर राखी ने भी एक एक्ट्रेस के तौर पर में अपनी जगह बना ली थी। सच तो यह है कि शर्मीली ने उन्हें स्टार बना दिया था।पांच साल की दोस्ती के बाद राखी और गुलजार ने शादी का फैसला किया. तब गुलजार राखी के इस बात के मुरीद थे कि राखी को घर सजाना संवारना बखूबी आता है।राखी के हाथ का बना खाना भी उन्हें बहुत पसंद था। राखी और गुलजार दोनों एक दूसरे को शोनू कहकर बुलाने थे और फिर दोनों ने  1973 में शादी कर ली। 

18 अप्रैल 1973 को राखी और गुजजार की शादी में पूरी फिल्म इंडस्ट्री बधाई देने पहुंची. इस साल राजेश खन्ना डिंपल और अमिताभ जया की भी शादी हुई थी और राखी की शादी भी काफी चर्चित रही। शादी के बाद राखी पति के साथ हनीमून मनाने कश्मीर गई। कश्मीर से लौटने के बाद वो गुलजार के कोजी होम स्थित फ्लैट में राखी आ गई । शादी के बाद वो राखी गुलजार हो गई। लगभग तीन साल तक राखी गुलजार ने कोई फिल्म नहीं की। शादी के एक साल बाद ही राखी प्रेगनेन्ट हो गई। 12 दिसंबर 1973 को राखी मां बनी और उनकी गोद में नन्हीं सी परी बोस्की आ गई थी। बोस्की के आने राखी की जिंदगी का मौसम बदलना था. लेकिन 1974 में आई एक आंधी ने बसा बसाया घर उजाड़ दिया. गुलजार और राखी के रास्ते अलग हो गए थे। 1 साल बोस्की दोराहे पर खड़ी थी खुद राखी भी नहीं जानती थी कि इस खुशहाल दौर में एक ऐसी आंधी आएगी जो, दिल के रिश्तो को तार तार कर जाएगी.. 1974 में आंधी की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि राखी गुलजार साहब का घर छोड़कर चली गईं। 

कहा जाता है, राखी की ख्वाहिश थी फिल्म आंधी में आरती देवी का किरदार निभाने की. लेकिन गुलजार साहब आरती देवी को एक खास शक्ल देना चाहते थे। वो शक्ल थी बांग्ला अदाकारा सुचित्रा से। उस वक्त तो राखी पति का क्रियेटिव अर्ज मान गईं, लेकिन ये सवाल रह ही गया कि गुलजार साहब की किसी फिल्म में आखिर वो क्यों नहीं होती। एक रात कश्मीर में गुलजार सुचित्रा सेन को उनके कमरे तक छोड़ने गए थे।

 कहा गया कि संजीव कुमार शराब के नशे में सुचित्रा के साथ ज्यादा ही करीब होने की कोशिश कर रहे थे ऐसे में गुलजार सुचित्रा को उनके कमरे तक छोड़ने गए। इस बात पर राखी उनसे नाराज हो गई और होटल में गुलजार से उऩकी बहस होने लगी। बात ज्यादा बढ़ी तो नाराज होकर गुलजार ने राखी को एक थप्पड़ मार दिया बस यहीं से हमेशा के लिए उनसे अलग हो गई राखी। बेटी मेघना की खातिर राखी और गुलजार ने कभी तलाक नहीं लिया लेकिन कभी साथ भी नहीं रहे। कुछ दिन पहले इनकी एक तस्वीर आई थी जिसमें दोनों होली खेलते दिखे थे।