आमिर समेत बॉलीवुड के कई सितारों ने मनाया गुड़ी पड़वा, फैंस को दी शुभकामनाएं

1 week ago



आज 6 अप्रैल को पूरी देश भर में गुड़ी पड़वा समेत नया साल और नवरात्री का त्यौहार मना रहा हैं। महाराष्ट्रा में आज के दिन गुड़ी पड़वा त्यौहार मनाया जाता है। आज पूरा महाराष्ट्र गुड़ी पड़वा के पर्व में रंगा हुआ है। इस पर्व से नए साल का आगमन बड़े ही धूमधाम के साथ किया जाता है। वहीं आम लोग जहां इस त्योहार को पूरे हर्षोल्लास से मना रहे हैं। वहीं बॉलीवुड जगत भी इस त्योहार के रंग में पूरी तरह से रंगा हुआ दिखाई। सोशल मीडिया पर कई सितारों ने इस त्यौहार की शुभकामनाए दी है।























बॉलीवुड के शहंशाह यानी अमिताभ बच्चन ने फैंस के लिए क्या संदेश दिया है।

































माधुरी दीक्षित ने भी सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर करके मराठी  में शुभकामना दी है।




बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने भी मराठी में संदेश लिखते हुए फैंस को बधाई दी है।























सनी देओल ने इस तरह से बधाई दी है।


































एक्ट्रेस अमृता राव ने वीडियो शेयर कर लोगों को बधाई दी है।


































कोएना मित्रा ने देवी के इस तस्वीर को शेयर कर नवरात्री और गुड़ी पड़वा की बधाई दी है










ऋतिक रोशन ने भी फैंस को मराठी में इस तरह से दी गुड़ी पड़वा की बधाई।
 































बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर आज मुंबई की सड़को पर गुड़ी पड़वा मनाती नजर आईं। उन्होंने मुंबई की सड़कों पर लावणी डांस किया। उर्मिला महाराष्ट्रियन लुक में सजी-धजी थीं। उन्होंने मल्टी कलर की सिल्क की साड़ी पहनी।































गुड़ी पड़वा पर हिन्दु नववर्ष का आरम्भ होता है। 'गुड़ी' का अर्थ 'विजय पताका' होता है। कहते हैं शालिवाहन ने मिट्टी के सैनिकों की सेना से प्रभावी शत्रुओं (शक) का पराभव किया। इस विजय के प्रतीक रूप में शालिवाहन शक का प्रारंभ इसी दिन से होता है। ‘युग‘ और ‘आदि‘ शब्दों की संधि से बना है ‘युगादि‘। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में ‘उगादि‘ और महाराष्ट्र में यह पर्व 'ग़ुड़ी पड़वा' के रूप में मनाया जाता है। 



इसी दिन चैत्र नवरात्रि का प्रारम्भ होता है। महाराष्ट्रीयन समाज के मिलिंद कुलकर्णी ने बताया कि गुड़ी पड़वा पर विशेष तरीके से गुड़ी बनाई जाती है। एक बांस में चांदी अथवा तांबे का कलश उल्टा लगाकर उस पर नए कोरे कपड़े से बांधकर नीम या आम की पत्तियां बांधी जाती है। उसके बाद उसे सजाकर उसकी पूजा की जाएगी।