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PICS - इंडियन आर्मी ज्वाइन करना चाहते थे डैनी लेकिन बॉलीवुड ने बुला लिया ! देखिए फैमिली की तस्वीरें

Feb. 25, 2019, 4:10 p.m.

डैनी डेन्जोंगपा हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने एक्टर हैं। 71 साल की उम्र में भी वो फिल्मों में नजर आते हैं और दमदार रोल करते हैं।  डैनी डेंजोग्पा इस उम्र में भी अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं । डैनी का जन्म 25 फरवरी 1948 को सिक्किम में एक बौद्ध परिवार में हुआ था। सिक्किम में जन्मे डैनी डेंजोग्पा भूटिया जाति के हैं और भूटिया इनकी मातृभाषा है। अपने शुरुआती दिनों में डैनी नेपाली और हिन्दी फिल्मों में गाना गाते थे।

उन्होंने  हिन्‍दी फिल्‍मों के साथ साथ उन्‍होंने  नेपाली, तेलुगु और तमिल फिल्‍मों में भी काम किया है। डैनी की स्कूली शिक्षा नैनीताल में हुई जबकि उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई दार्जिलिंग में पूरी की। डैनी का सपना इंडियन आर्मी जॉइन करने का था। वो गणतंत्र दिवस की परेड में भी शामिल हो चुके थे। 

डैनी का सेलेक्शन पुणे के आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज में हो गया था लेकिन उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की खातिर इसे छोड़ दिया था। 

जया बच्चन डैनी की क्लासमेट हुआ करती थी। जया बच्चन के कहने पर अपना नाम आसान बनाने के लिए डैनी रख लिया था, वर्ना उनका पूरा नाम शेरिंग फिंत्सो डेंजोग्पा था। 

डैनी की शादी गावा डैंगजोंगपा से हुई हैा  उनके दो बच्‍चे हैं-रिनजिंग डैंगजोंगपा और पेमा डैंगजोंगपा 

की पहली फिल्म बी.आर इशारा की ‘जरूरत' थी लेकिन उन्हें पहचान गुलजार की ‘मेरे अपने' से मिली जो 1971 में रिलीज हुई थी. लेकिन पहली बार विलेन वे 1973 में 'धुंध' फिल्म से बने और फिर हमेशा विलेन के अंदाज में नजर आते रहे। 

डैनी डेंजोग्पा को उनके शानदार अभिनय के लिए पद्मश्री पुरस्कार भी मिल चुका है

बताया जाता है कि रमेश सिप्पी ‘शोले' में गब्बर सिंह के रोल के लिए डैनी को कास्ट करना चाहते थे लेकिन डैनी उन दिनों फिरोज खान की ‘धर्मात्मा' की शूटिंग के लिए बाहर गए हुए थे जिस वजह से ये रोल अमजद खान को मिल गया और इस रोल के साथ अमजद खान भारतीय फिल्म इतिहास के सबसे यादगार विलेन बन गए  और गब्बर सिंह का यादगार किरदार वो नहीं निभा पाए।