धर्मेन्द्र के प्यार में दीवानी ड्रीमगर्ल हेमा ही नहीं ट्रेजडी क्वीन मीना कुमारी भी थी !

1 years ago

 

आज है हिंदी सिनेमा की ट्रेडजी क्वीन मीना कुमारी का जन्मदिन। मीना कुमारी फिल्मी पर्दे पर दर्द भरे रोल निभाती थी लेकिन उनकी असल जिंदगी में भी दर्द कम नहीं था। मोहब्बत का दर्द , टूटती शादी का दर्द....बेवफाई का दर्द और तन्हाई का दर्द। मीना को उस मोहब्बत  का इंतजार था जो उनकी तन्हाई को खत्म कर सके। जो उनकी जिंदगी को अपने प्यार से रोशन कर दे। मीना को वो मोहब्बत मिली वो हमसफर भी मिला। 1964 में फिल्म मैं भी लड़की हूं के सेट पर मीना की मुलाकात हुई। फिल्म मैं भी लड़की हूं तो नहीं चली लेकिन  पंजाब के सजीले और खूबसूरत नौजवान धर्मेन्द्र का जादू मीना पर जरूर चल गया।

धर्मेन्द्र भी मीना पर अट्रैक्ट हुए बिना नहीं रह सके । धर्मेन्द्र का प्यार मीना को उस दौर में मिला मीना कुमारी अपने पति कमाल अमरोही से अनबन के बाद अलग रह रही थी। ये वो दौर था जब मीना को ये लगने लगा था कि कमाल अमरोही उनसे नहीं बल्कि उनकी दौलत और शोहरत से मोहब्बत करते है। मीना खुद को मोहब्बत में ठगा हुआ महसूस कर रही थी।

उस वक्त उन्हें एक सहारे की जरूरत थी.....और वो सहारा बनकर आए धर्मेन्द्र। तब तक धर्मेन्द्र की शादी हो चुकी थी। वो दो बच्चों के पिता बन चुके थे। महमूद पर लिखी गई एक किताब मेहमूद मैन ऑफ मैनी मूड्स मुताबिक फिल्म 'मैं लड़की हूं' की शूटिंग चेन्नई में हुई थी और चेन्नई में ही धर्मेन्द्र और मीना करीब आए थे।   उस वक्त धर्मेन्द्र अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे और मीना कुमारी  एक कामयाब स्टार थी।

1965 में धर्मेन्द्र को मीना के साथ फिल्म पूर्णिमा में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान भी इनके मोहब्बत के अफसाने बने। अब तक धर्मेन्द्र और मीना के अफेयर की खबरें फिल्म के सेट से बाहर आने लगी थी। 1966 में धर्मेंन्द्र और मीना ने फिल्म पत्थर के फूल में काम किया....इस फिल्म की  शूटिंग  के लिए भी मीना और धर्मेन्द्र  चेन्नई गए ।

मुंबई और घर परिवार के दूर मद्रास में इन दोनों का रिश्ता और मजबूत हुआ। पत्थर और फूल जबरदस्त कामयाब रही और इसी के साथ धर्मेन्द्र और मीना कुमारी के रिश्ते और भी परवान चढ़े। इस फिल्म के बाद तो मीना हर फिल्म में हीरो के रोल के लिए धर्मेन्द्र की सिफारिश करने लगी। मीना कुमारी से अफेयर की खबरों को लेकर धर्मेन्द्र काफी चर्चित भी हो गए थे। मीना कुमारी और न्यू कमर धर्मेन्द्र के अफेयर की चर्चा फिल्म इंडस्ट्री के हर स्टूडियोंज में होने लगी थी।

 

1964 में मीना का उनके पति कमाल अमरोही से तलाक हो गया था और वो अपने जीजा महमूद के घर पर रहने लगी थी।  किताब महमूद - अ मैन ऑफ मैनी मूड्स के मुताबिक गुलजार से करीबी रिश्तों की वजह से मीना और कमाल अमरोही की शादी टूटी थी। एक फिल्म के सेट पर उनके पति कमाल अमरोही के सेक्रेटरी वकार ने उन्हें गुलजार को मेकअप रूम में बुलाने पर थप्पड़ रसीद कर दिया था इसके बाद मीना पति का घर छोड़ बहन मधु और जीजा महमूद के घर आ गई थी। फिल्म फूल और पत्थर की शूटिंग के बाद तो धर्मेन्द्र और मीना के रिश्ते इतने गहरे हो गए थे कि वो उनसे मिलने मेहमूद के घर तक आया करते थे। 

तब धर्मेन्द्र की कार अक्सर महमूद के घर के पास ही खड़ी रहती थी।  अब तक धर्मेन्द्र के अफेयर की खबरें उनकी वाइफ प्रकाश कौर के कानों में भी पड़ने लगी थी और एक बार तो वो अपने पति को ढूंढती हुई मेहमूद के घर भी पहुंच गई थी। महमूद पर लिखी गई किताब के मुताबिक प्रकाश कौर उनके घर पहुंची तो वहां काफी हंगामा हुआ.....और  इस घटना के बाद  महूमद ने मीना कुमारी से ये कहा था कि वो जितने दिन चाहे उनके घर में रहे लेकिन धर्मेन्द्र उनके घर आएंगे तो मुश्किल होगी। 

महमूद की ये बाद मीना को बहुत नागवार गुजरी थी और वो उनका घर छोड़कर चली गई। मीना ने जूहू इलाके में जानकी कुटीर नाम का बंगला खरीदा और वहीं रहने चली गई । मीना ने अपना घर तो बदल लिया लेकिन धर्मेन्द्र से उनका रिश्ता  नहीं बदला । पति कमाल अमरोही से तलाक के बाद  तो  धर्मेन्द्र और मीना कुमारी के अफेयर के किस्से मैगजीन्स में खूब छपा करते थे। मीना कुमारी के धर्मेन्द्र के अफेयर के किस्से भले ही मैगजीन्स में खूब छप रहे थे लेकिन धर्मेन्द्र ने कभी मुहब्बत की बात कुबूल नहीं की।

वो हमेशा यहीं कहते रहे कि मीना से उनका दोस्ती का रिश्ता है.जबकि दूसरी तरफ ट्रैजडी क्वीन उनसे शादी के सपने संजो रही थी। मीना कुमारी से करीबी रिश्तों की वजह से धर्मेन्द्र के घर में तनाव बढ़ने लगा था....और इस वजह से उन्होंने मीना के साथ शराब पीना शुरू कर दिया। मीना को धर्मेन्द्र का साथ मिला तो वो शराब में डूबती चली गई। कहा जाता है मीना उस दौर में अकेली ऐसी हीरोइन थी जो कि पार्टियों में मर्दो के साथ खुलेआम शराब पीती थी। 

धर्मेन्द्र और मीना ने साल 1964 - से 1968 तक 6 फिल्मों में काम किया।  मीना और धमेन्द्र की  ज्यादातर फिल्में फ्लॉप रही। पत्थर और फूल,मझली दीदी और काजल को छोड़ दे इनकी हर फिल्म को फ्लॉप का मुंह देखना पड़ा। इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी 1968 में आई बहारों की मंजिल। ये वो दौर था जब मीना कुमारी पर उनकी बिगड़ती सेहत और बढ़ती उम्र हावी होने लगी थी। मीना को अब कैरैक्टर रोल मिलने लगे थे। मेरे अपने ,दुश्मन और गोमती किनारे जैसी फिल्मों में वो कैरैक्टर रोल करने लगी थी। अब तक धर्मेन्द्र बहुत कामयाब हो गए थे....मीना कुमारी से रिश्तों की वजह से उनके परिवार में उथल पुथल मच रहा था। और ऐसे में मीना कुमारी की बिगड़ती तबीयत को छोड़ धर्मेन्द्र अपनी कामयाबी का रास्ते पर निकलने लगे।  अब तक फिल्म इंडस्ट्री के एक्शन हीरो बन चुके थे और ज्यादातर फिल्मों की शूटिंग वो विदेश में कर रहे थे। मीना से उनका मिलना जुलना कम हो पा रहा था....धर्मेन्द्र के गम में मीना जरूरत से ज्यादा शराब पीने लगी थी.....और 1968 तक धर्मेन्द्र और मीना के अलग होने की खबरे आने लगी।  इस दौरान फिल्मी मैगजीन्स में धर्मेन्द्र की बेवफाई की खबरें छपने लगी। धर्मेन्द्र पर ये आरोप लगने लगा कि अपना करियर बनाने के लिए उन्होंने मीना कुमारी के स्टारडम का फायदा उठाया।

धर्मेन्द्र और मीना कुमारी अलग तो हो गए थे लेकिन इनकी एक आखिरी मुलाकात भी हुई। उनदिनों मीना मुंबई के एक स्टूडियों में फिल्म मेरे अपने की शूटिंग कर रही थी। धरर्मेन्द्र उस दौरान वहीं पास के स्टूडियों में अपना शॉट दे रहे थे उन्हें जब इस बात की खबर मिली की मीना कुमारी पड़ोस वाले स्टूडियों में है तो वो उनसे मिलने आए। अब तक मीना काफी बदल चुकी थी.....उन्होंने अपने पति कमाल अमरोही से दुबारा शादी कर ली थी .....तो धर्मेन्द्र तब इंडस्ट्री के बड़े स्टार बन चुके थे और हेमा मालिनी के साथ उनके अफेयर की बातें सामने आ रही थी।मीना की जिंदगी में जब धर्मेन्द्र आए तो उन्हें कुछ सालों का सुकून मिला था। मीना को लगने लगा था कि धर्मेन्द्र उनके रिश्ते को शादी का नाम देंगे।

बॉलीवुड के जानकारों के मुताबिक उस दौरान मीना-धर्मेन्द्र के रोमांस की खबरें बॉलीवुड की फिल्मी दुनिया के दूर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुकी थी।  और मीना कुमारी जब दिल्ली के एक प्रोग्राम में पहुंची तो तब के राष्ट्रपति डॉ. एस राधाकृष्णन ने मीना से पूछ लिया था कि तुम्हारा बॉयफ्रेंड धर्मेन्द्र कैसा है? मीना और धर्मेन्द्र के अफसाने तो बहुत बने....लेकिन ये रिश्ता किसी अंजाम तक नहीं पहुंचा। मीना को जिस प्यार की जुस्तजू थी वो नहीं मिला ...एक तरफ प्यार में नाकामी मिली....तो वहीं उनकी शादीशुदा जिंदगी भी किसी सजा से कम नहीं थी।

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