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फिल्मकार मृणाल सेन का 95 साल की उम्र में निधन, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से हुए थे सम्मान‍ित

Dec. 30, 2018, 2:12 p.m.

बांग्ला फिल्मों के मशहूर निर्माता और निर्देशक मृणाल सेन का 95 साल की उम्र में निधन हो गया। खबर है कि मृणाल सेन का न‍िधन उनके कोलकाता के भवानीपोर में बने आवास में रव‍िवार को सुबह 10 बजे हुआ। 

वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बता दें कि 1981 में पद्म भूषण और 2005 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। मृणाल 1998 से 2000 तक मनोनीत संसद सदस्य भी रहे। 80 वर्ष की उम्र में 2002 में अपनी आखिरी फिल्म आमार भुवन बनाई थी।मृणाल सेन का जन्म 14 मई 1923 में फरीदपुर नामक शहर में (जो अब बांग्लादेश में है) में हुआ था। 1955 में मृणाल सेन ने अपनी पहली फीचर फिल्म 'रातभोर' बनाई थी। उनकी अगली फिल्म 'नील आकाशेर नीचे' ने उनको स्थानीय पहचान दी और उनकी तीसरी फिल्म 'बाइशे श्रावण' ने उनको अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि दिलाई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने ट्विटर हैंडल पर मैसेज कर मृणाल सेन के निधन पर दुख व्यक्त किया। ममता ने लिखा- मृणाल सेन के निधन की खबर से दुख हुआ। फिल्म जगत को एक बड़ा नुकसान हो गया है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।

साहित्य के लिए नोबेल प्राप्त लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्खेज मृणाल दा के खास मित्रों में से हैं। मृणाल दा ने कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रतिस्पार्धाओं में जज/ ज्यूरी की भूमिका निभाई है। कांस को तो वे अपना दूसरा घर बताते रहे हैं। उनके बच्चों की बात करें तो बेटे कुणाल, 'इंसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका' में चीफ टेक्निकल डेवलपमेंट ऑफिसर हैं।