Flashback - जब शर्मिला ने पहनी थी बिकिनी संसद तक में बवाल मच गया था। देखिए तस्वीरें

1 months ago

चांद से रोशन चेहरे वाली शर्मिला जब कश्मीर की कली बनकर फिल्मों में आई तो खूबसूरती के मायने बदल गए। शर्मिला की ताजगी और गालों में गहरे पड़ने वाले डिम्पलों का हिन्दी दर्शकों ने खुले मन से स्वागत किया। 

एन इवनिंग इन पेरिस फिल्म में जब शर्मिला टू पीस बिकिनी गर्ल बनकर आई तो सनसनी मच गई थी शक्ति सामंत की इस फिल्म में वो बिकिनी बेव बनी। फिल्म के प्रमोशन के लिए शर्मिला ने फिल्म फेयर मैगजीन के कवर पर टू पीस बिकनी में पोज दिया। 

सेक्स-सिम्बल के तौर पर शर्मिला का बॉलीवुड में मार्केटिंग सफल रहा लेकिन शर्मिला पर बहस भी छिड़. गई। उस दौर में शर्मिला की 2 पीस बिकिनी पर इतना बवाल छिड़ा कि संसद तक में बहस हो गई। उस दौरान शर्मिला की नवाब पटौदी से शादी होने वाली थी। सबने ने यहीं सोचा था कि टाइगर पटौदी का परिवार शर्मिला के इस खुलेपन को पसंद नहीं करेगा। नवाब का खानदान अपनी बहू को इस तरह जिस्म की नुमाइश करते नहीं देख पाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। शर्मिला और टाइगर का प्यार इतना मजबूत साबित हुआ कि इसके टूट जाने की भविष्यवाणी करने वाले गलत साबित हुए।शर्मिला ग्लैम दीवा तो बन गई लेकिन एक अच्छी एक्ट्रेस के तौर पर पहचान उन्हें 1969 में मिली। इस साल राजेश खन्ना के साथ फिल्म अराधना रिलीज हुई।

 वो दौर था वैजंती माला, मीना कुमारी, माला सिन्हा, वहीदा रहमान और साधना जैसी ही हीरोइंस का...तब हीरोइंस माथे पर बड़ी बिंदी और जुड़ें के साथ फिल्मों में दिखती थी और..इन सबके बीच इस बंगाली ब्यूटी ने अलग छाप छोड़ी 

शर्मिला सिर्फ अपनी खूबसूरती की वजह से पॉपुलर नहीं हुई। अपने संजीदा एक्टिंग के  लिए भी जानी गई।शर्मिला की एक्टिंग को सबसे ज्यादा फिल्म मौसम में सराहा गया..अभिनय लाजवाब था और इन्हें मिला नेशनल अवॉर्ड ।8 दिसंबर 1946 को आंध्र प्रदेश के हैदराबाद शहर में हुआ था शर्मिला का जन्म। शर्मिला के पिता गितिन्द्र नाथ टैगोर ईस्ट इंडिया कंपनी में जेनरल मैनेजर थे। मशहूर पोएट रवीन्द्र नाथ टैगोर शर्मिला के ग्रैट ग्रान्ड अंकल थे। शर्मिला के जन्म से एक साल पहले ही रवीन्द्र नाथ टैगोर गुजर गए थे। टैगोर परिवार की लाड़ली शर्मिला ने आसनसोल से अपनी पढ़ाई की।

13 साल की उम्र से ही शर्मिला ने फिल्मों में काम करना शुरु कर दिया था और उनके पहले डायरेक्टर थे ऑस्कर विनर सत्यजीत रे। उनकी फिल्म अपूर संसार की लीड करैक्टर थी शर्मिला। चार बंगाली फिल्मों में काम करने के बाद शर्मिला को हिंदी फिल्मों में काम मिला। शक्ति सामंत ने शर्मिला को फिल्म कश्मीर की कली में कास्ट किया। तब शर्मिला की उम्र थी 18 साल। 

कश्मीर की कली ब्लॉकबस्टर रही और शर्मिला के लिए बॉलीवुड की राहें आसान हो गई। कश्मीर की कली के बाद वक्त , अनुपमा , देवर, ये रात फिर ना आएगी जैसी फिल्मों में काम किया.

अराधना ब्लॉकबस्टर रही और शर्मिला को मिला फिल्म फेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड। इस फिल्म में शर्मिला ने 20 से 60 साल की लेडी का रोल बहुत संजीदगी के साथ निभाया। 1969 में ही रिलीज हुई फिल्म सत्यकाम में भी शर्मिला की एक अलग एक्टिंग स्किल सामने आई।

शर्मिला ने धर्मेन्द्र और राजेश खन्ना के साथ सबसे ज्यादा फिल्में की...लेकिन राजेश खन्ना के साथ इनकी केमिस्ट्री सबसे ज्यादा पसंद की गई। शर्मिला और राजेश की जोड़ी अराधना के अलावा  सफऱ, अमर प्रेम, छोटी बहू, दाग,  और आविष्कार समेत आठ फिल्मों में रिपीट हुई।

   लेकिन शर्मिला के फिल्मी करियर में टर्निंग प्वाइंट रही फिल्म मौसम। मौसम में शर्मिला के टैलेंट का सही इस्तेमाल किया गुलजार ने किया है। मौसम में शर्मिला का डबल रोल था...और इस फिल्म के लिए उन्हें वो अवॉर्ड मिला जिसे पाने का ख्वाव हर एक्ट्रेस देखती है। शर्मिला को नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गय़ा।

मुंबइया माहौल में शर्मिला भाग्यशाली रही। उन्हें ऋषिकेश मुखर्जी, बासु भट्टाचार्य, शक्ति सामंत, गुलजार तथा यश चोपड़ा जैसे निर्देशकों ने हाथों-हाथ लिया। शम्मी कपूर, शशि कपूर, संजीव कुमार, धर्मेन्द्र और राजेश खन्ना जैसे को-स्टार मिले। कुछ फिल्में अमिताभ के साथ भी करने का मौका मिला। अच्छे डायरेक्टर, अच्छे कंटेंट और अच्छे को-स्टार के कारण बॉक्स ऑफिस की डिमांड बनी रही।

शर्मिला अपने साथ की एक्ट्रेसे के साथ कभी रैट रेस में शामिल नहीं हुई। रेखा, हेमा मालिनी, सायरा बानो, वहीदा रहमान और राखी से उनकी कभी  अनबन नहीं रही। शर्मिला का करियर जब पीक पर था तभी उन्होंने क्रिकेटर नवाब पटौदी से शादी  रचा ली थी और वो कम ही फिल्में करती थी।