FTII विवाद: खुली मोदी सरकार की पोल

3 years ago

नई दिल्ली(14th July): केंद्र की मोदी सरकार एक ओर जहां FTII (फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष पद पर गजेंद्र चौहान की नियुक्ति के अपने फैसले का बचाव कर रही है, तो दूसरी तरफ संस्थान की गवर्निंग काउंसिल ने हाल ही में बयान दिया था कि फिल्म इंडस्ट्री के कई नामचीन लोगों ने इस पद को ठुकरा दिया था। कहा गया था कि गवर्निंग काउंसिल ने तर्क दिया था कि ऐसे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पास बहुत कम ही विकल्प बचे थे। हालांकि, अब इंडियन एक्सप्रेस द्वारा एक आरटीआई के माध्यम से हासिल की गई जानकारी के मुताबिक गवर्निंग काउंसिल का यह दावा गलत है।

आरटीआई से मिली सूचना के मुताबिक FTII की गवर्निंग काउंसिल द्वारा गजेंद्र चौहान के अतिरिक्त किसी भी अन्य उम्मीदवार को संस्थान के अध्यक्ष पद के लिए संपर्क नहीं किया गया। FTII के अध्यक्ष पद का चुनाव सीधे केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है। यही चुना गया उम्मीदवार FTII की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालता है।

इंडियन एक्सप्रेस ने एक आरटीआई दाखिल कर यह जानने की कोशिश की थी कि गजेंद्र चौहान की नियुक्ति से पहले FTII की गवर्निंग काउंसिल ने इस पद पर नियुक्ति के लिए किन अन्य लोगों से संपर्क किया था। एक्सप्रेस द्वारा दायर किए गए एक दूसरे आरटीआई में उन उम्मीदवारों का नाम पूछा गया था जिन्होंने FTII के दावे के मुताबिक उक्त पद को ठुकरा दिया था। इसके जवाब में संस्थान की ओर से कहा गया कि इस तरह की कोई भी सूचना रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।

इस दूसरी आरटीआई का जवाब देते हुए भी संबंधित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि FTII के अध्यक्ष पद का चुनाव काफी विचार-विमर्श के बाद किया गया है। इसमें बिना कोई नाम बताए यह कहा गया है कि नियुक्ति के संबंध में विचार-विमर्श करते समय फिल्म इंडस्ट्री की कई नामचीन हस्तियों के नाम पर विचार किया गया। जवाब में यह भी कहा गया है कि इन हस्तियों में कई लोग संस्थान से पढ़े हुए हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सूत्रों ने पहले दावा किया था कि इस पद के लिए चौहान की नियुक्ति से पहले जिन नामों पर विचार किया गया था उनमें राजकुमार हिरानी, विधु विनोद चोपड़ा, गुलजार, अदूर गोपालकृष्णन, जानू बरूआ जैसे नाम शामिल हैं। इन दावों के बारे में पूछे जाने पर जहां चोपड़ा, हिरानी और गुलजार ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, वहीं बरूआ ने कहा कि उन्हें कभी यह पद ऑफर नहीं किया गया था, इसलिए पद को ठुकराने की बात सरासर गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें इस पद की पेशकश की गई होती, तो उन्होंने यकीनन इस पेशकश के लिए हामी भरी होती।

उधर, FTII के छात्र अभी भी चौहान की नियुक्ति का विरोध करते हुए हड़ताल पर बैठे हुए हैं। FTII के कई सोसायटी मेंबर, जैसे- नरेंद्र पाठक, शैलेश गुप्ता और राहुल सोलापुरकर भी छात्रों के इस विरोध का समर्थन कर रहे हैं। हड़ताल शुरू हुए अब दूसरा महीना शुरू हो चुका है। इस बीच, कुंदन शाह और अजीज मिर्जा ने भी गजेंद्र चौहान से पद छोड़ने की अपील की है।

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