गोविंदा से बॉलीवुड ने किया किनारा, हीरो नंबर वन को काम चाहिए !

11 months ago

एक वक्त था जब बॉक्स ऑफिस के राजा बाबू हुआ करते थे गोविंदा। 1999 में गोविंदा को स्क्रीन का 10वें ग्रेटेस्ट स्टार का ख़िताब मिला था लेकिन साल 2017 में उसका सीन, एक फ़िल्म से काट दिया जाता है और उसे बताने की ज़रूरत भी नहीं समझी जाती। ये वक्त का खेल है कि जिस हीरो नंबर-1 की फिल्मों की टिकट्स खरीदने के लिए बॉक्स ऑफ़िस पर भीड़ जुटती थी. वही - जब आ गया हीरो लेकर बॉक्स ऑफ़िस आने की कोशिश कर रहा था, तो उसे थियेटर्स नसीब नहीं हो रहे थे।

सलमान ने गोविंदा के इस कमबैक को पुश करने की कोशिश भी की बिग बॉस में उन्हे बुलाकर - फ़िल्म को प्रमोट भी किया लेकिन इंडस्ट्री ने गोविंदा का साथ नहीं दिया 4 साल लगे गोविंदा को - अभिनय चक्रा के नाम से गोविंदा को लीड में लेकर 2013 में फ़िल्म अनाउंस हुई...और बाद में वो ड्रॉप कर दी गई... गोविंदा ने हार नहीं मानी...वो खुद इस फ़िल्म के राइटर बने सीन्स दोबारा शूट किए, थोड़ा कमर्शियल मसाला डाला...। हांलाकि - हीरो नंबर-1 में कुछ ज़्यादा हीरोगिरी दिखाना गोविंदा को भारी पड़ा और फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर डब्बा बंद हो गई।

लेकिन सच तो ये है कि आ गया हीरो के लिए गोविंदा हर दरवाज़े पर गए .इस फ़िल्म को रिलीज़ कराने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की... लेकिन एक ज़माने में गोविंदा की फ़िल्मो के लिए लाइन लगाकर खड़े रहने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कॉरपोरेट ज़माने में चीची की मदद करने से साफ़ मना कर दिया। गोविंदा की गलती ये है कि वो अब भी हीरो बनना चाहते हैं... हांलाकि उनके अपने तक जानते हैं कि गोविंदा को वो रोल्स करने चाहिए, जो उन्हे सूट करते हैं...

2007 में पार्टनर वो आख़िरी फ़िल्म थी, जो गोविंदा की बदौलत हिट हुई थी जिसमें गोविंदा सलमान के पार्टनर बनकर भी उन पर भारी पड़ते नज़र आते हैं. लेकिन 54 साल के चीची, अब भी खुद - सिल्वर स्क्रीन का हीरो नंबर-1 बनाना चाहते हैं, जो वक्त का रुख़ बदलने जितना नामुमकिन है...हांलाकि इस बीच में गोविंदा ने चंद ऐसी फ़िल्में कीं, जिसमें उनके रोल्स छोटे थे... बावजूद इसके उसमें गोविंदा को नोटिस  किया गया...किल दिल प्लॉप  हुई, लेकिन गोविंदा को नोटिस किया गया। 

हैप्पी एडिंग को अच्छा रिस्पॉन्स नहीं  मिला तो भी  गोविंदा के स्ट्रग्लिंग सुपरस्टार वाले कैरेक्टर को तालियां भी मिलीं । हॉलीडे में अक्षय के ऐज़्ड बट बैचलर कैरेक्टर में गोविंदा को खूब पसंद किया गया। चीची को उनके कॉमिक टाइमिंग के लिए जाना जाता है लेकिन ये भी सच है कि हर किसी का एक दौर होता है गोविंदा के स्टारडम का भी एक दौर था अब वक्त बदल गया है, हीरो बदल गए हैं. सेट पर अपनी लेट लतीफ़ी के लिए बदनाम रहे चीची अब भी किसी चमत्कार का इतंज़ार कर रहे हैं साइड कैरेक्टर्स के लिए गोविंदा तैयार नहीं... और गिनती के रोल्स के लिए हामी भर भी रहे हैं...तो वो सीन्स - किसी की कैंची से काट दिए जा रहे हैं। 

Related Posts