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81 साल के हुए कादर खान, बंटवारे के बाद अफगानिस्तान से आए थे भारत

Oct. 22, 2018, 12:24 p.m.

बॉलीवुड के वेट्रन एक्टर कादर खान आज अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। कादर खान का जन्म साल 1935 में अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। बंटवारे के बाद कादर परिवार के साथ भारत आकर बस गए। कहा जाता है कि कादर खान का बचपन बड़ी ही गरीबी में बीता। इस मशहूर कलाकार के पास पहनने के लिए चप्पल तक नहीं होती थी। कादर खान ने कॉलेज में एक प्ले किया था। जिससे दिलीप कुमार इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कादर खान को अपनी दो फिल्मों 'सगीना' और 'बैराग' के लिए साइन कर लिया।

यह बात बहुत कम लोगों को पता है कि कादर खान ने 250 से ज्यादा फिल्मों के संवाद लिखे हैं। कादर खान ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1974 में रिलीज हुई फिल्म सगीना से की थी।

 उनकी बहू शाइस्ता खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनको अब बोलने में दिक्कत होती है। वे सिर्फ उन्हें और बेटे सरफराज की बातों को ही समझ पाते हैं। हालांकि वे पहचान सभी को लेते हैं।

कादर खान के तीन बेटे हैं। उनके एक बेटा कनाडा में रहता है और ऐसा कहा जाता है कि कादर खान के पास कनाडा की भी नागरिकता है। कादर खान का बचपन बड़ी ही गरीबी में बीता। उनके पास पहनने के लिए चप्पल तक नहीं होती थी। 

आपको बता दें कि फिल्म 'रोटी' के लिए मनमोहन देसाई ने कादर खान को संवाद लिखने के लिए 1,20,000 रुपये जैसी बड़ी रकम अदा की थी। कादर खान 1982 और 1993 में बेस्ट डायलॉग के लिए फिल्म फेयर जीत चुके हैं। 2013 में कादर खान को उनके फिल्मों में योगदान के लिए साहित्य शिरोमनी अवार्ड से नवाजा गया।    

कादर खान ने अपने करियर में हिम्मतवाला, कुली नं वन, मैं खिलाडी तू अनाड़ी, खून भरी मांग, कर्मा, सरफरोश और धर्मवीर जैसी सुपर हिट फिल्मों के संवाद लिखे हैं।