कादर खान गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, दिमाग ने काम करना किया बंद

2 weeks ago

बॉलीवुड एक्टर कादर खान 81 साल के है। इन दिनों कादर खान गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। खबर है कि बाइपैप वेंटीलेटर पर चल रहा इलाज है। प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर के कारण दिमाग से संचालित होने वाली गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। जिसके चलते डॉक्टरों ने सांस लेने में हो रही दिक्कत के कारण उन्हें बाइपेप वेंटीलेटर पर रखा गया है। लेकिन दिग्‍गज एक्‍टर कादर खान की सेहत अभी भी नाजुक बनी हुई है। डॉक्‍टरों के मुताबिक उनमें निमोनिया के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं।  यह जानकारी कादर खान के बेटे सरफराज खान ने दी है।कादर खान पिछले कई सालों से कनाडा में अपने बेटे-बहू सरफराज और शाइस्ता के साथ रहते हैं।  सरफराज के अनुसार डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी हेल्थ पर नजर रखे हुए थी, लेकिन सांस लेने में हो रही दिक्कत के कारण उन्हें बाइपेप वेंटीलेटर पर रखा गया है। प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी (पीएसपी) एक असामान्य मस्तिष्क विकार है जो शरीर की गति, चलने के दौरान बनने वाले संतुलन, बोलने, निगलने, देखने, मनोदशा और व्यवहार के साथ सोच को प्रभावित करता है। यह डिसऑर्डर मस्तिष्क में नर्व सेल्स के खत्म होने के कारण होता है।

बीते दिनों खबर थी की कादर खान कभी वे होश में रहते हैं देखते हैं, लेकिन हर पल नहीं। कादर साहब ने भी बात करना बंद कर दिया है। कादर साब के बेटे सरफराज और उनकी बहू ने इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी है लेकिन कादर साब की सेहत अभी भी नाजुक बनी हुई है। 

1973 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने के बाद से, कादर खान 300 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके है. उनकी पहचान अभिनेता और लेखक के रूप में है। अमिताभ की कई सफल फिल्मों के अलावा, कादर खान ने हिम्मतवाला, कुली नं वन, मैं खिलाडी तू अनाड़ी, खून भरी मांग, कर्मा, सरफरोश और धर्मवीर जैसी सुपर हिट फिल्मों के संवाद लिखे हैं। 2013 में, कादर खान को उनके फिल्मों में योगदान के लिए साहित्य शिरोमनी अवार्ड से नवाजा गया था। 

आपको बता दें कि आखिरी बार कादर खान को 2015 में आई फिल्म दिमाग का दही में देखा गया था। अपने 43 साल के करियर में कादर ने 300 फिल्मों में काम किया और 250 फिल्मों में डायलॉग लिखे है।