कपूर खानदान R K स्टूडियो को बेच रहा है !

4 months ago

वो स्टूडिओ जिसने मेरा नाम जोकर जैसी फिल्मों से इतिहास रचा। जिसने राम तेरी गंगा मेली जैसी फिल्मों की कामयाबी की गवाही दी और  जिसके साथ जुड़ा है राज कपूर जैसे शोमैन का नाम अब बिकने जा रहा है। उसकी हर बात, हर कामयाबी की दास्तान अब सिर्फ यादों में बाकी रह जाएगी। आर के स्टूडियो ने जिसने बॉलीवुड को कई एतिहासिक फिल्में दी, सफलताएं दी।

फिल्म इंडस्ट्री में कपूर खानदान की विरासत को 100 साल से ज्यादा का समय हो गया है। जितनी बड़ी ये फैमिली है उतना ही बड़ा इस फैमिली का रुतबा भी है. और उतना ही बड़ा नाम इनके आर के स्टूडियो का है। लेकिन अब कपूर खानदान बहुत ही जल्द इस आर. के. स्टूडियो को बेचने की प्लानिंग कर रहा है। 

आर. के. स्टूडियो को 1948 में राज कपूर ने बनाया था, जो मुंबई के चेम्बूर इलाके में लगभग 2 एकड़ के एरिया में फैला हुआ है। राज कपूर ने ये स्टूडियो तब ही बनवाया था, जब उन्होंने आर.के बैनर तले अपनी फिल्में बनानी शुरू की थीं. लेकिन 1988 में राज कपूर के निधन के बाद से उनका परिवार ही इसे चला रहा था। कपूर खानदान को विरासत में मिले इस स्टूडियो को बेचने का फैसला राज कपूर के परिवार ने मिलकर लिया है। सोर्सेज़ की माने तो कपूर फैमिली ने मिलकर एक टीम बनाई है जो बिल्डर्स, डेवलपर्स और कॉर्पोरेटर्स के साथ स्टूडियो की डील कर रही है। 

कपूर फैमिली ने आर.के. स्टूडियो का आधा हिस्सा बेचने का ही डिसिज़न लिया है और बाकि बचे आधे हिस्से को रिनोवेट करवाया जाएगा। ऋषि कपूर ने एक इंटर्व्यु में इस खबर को कन्फर्म करते स्टूडियो की बिक्री की बात कुबूली है साथ ही ये भी बताया कि ये फैसला उनके परिवार ने दिल पर पत्थर रखकर लिया है।

आर.के. बैनर के तले बनी आखिरी फिल्म 1999 में ‘आ अब लौट चलें’ आई थी। पिछले साल आर.के स्टूडियो में एक डांस रिएलिटी शो की शूटिंग के दौरान आग लग गई थी। आग में आर.के. स्टूडियो में रखी कई सारी ऐतिहासिक और खास चीजें जल कर राख हो गई थीं ।