बर्थडे स्पेशल - 47 साल की हुईं मनीषा कोइराला , देखिए बचपन में कितनी क्यूट थीं

1 years ago

मनीषा कोइराला का जन्म 16 अगस्त 1970 को नेपाल के काठमांडू में हुआ था।  उनके पिता का नाम प्रकाश कोइराला और माँ का नाम सुषमा कोइराला हैं।  इनके पिता नेपाल राजीनीति में कैबिनेट मंत्री हैं।   वह नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बिश्वेश्वर प्रसाद कोइराला की नातिन हैं। इनका एक भाई है- सिद्धार्थ कोइराला-जोकि एक बॉलीवुड अभिनेता है। मनीषा की शुरूआती पढाई वाराणसी के वंसत कन्या महाविद्यालय से हुई हैं। उसके बाद वह सेकंडरी की पढ़ाई करने के लिए आर्मी स्कूल धौलकुआं नई दिल्ली चली गयीं। मनीषा बचपन से डॉक्टर बन दूसरों की सेवा करने की चाहत थी, लेकिन मॉडलिंग ने उनके लिए फ़िल्मी दुनिया के द्वार खोल दिए। 

सुभाष घई ने अपनी मल्टी स्टारर और मेगा बजट फिल्म सौदागर में एक नई हीरोइन को लॉन्च किया। हीरोइन था मनीषा कोईराला । मनीषा ताजा हवा के झोंके की तरह बॉलीवुड में आई और पहली ही फिल्म से प़ॉपुलर हो गई। मनीषा खूबसूरत तो थी ही अच्छी डांसर भी थी और सौदागर से वो ईलू ईलू गर्ल के नाम से फेमस हो गई। सौदागर के बाद मनीषा की कई फिल्मे लगातार फ्लॉप रही लेकिन उनकी ब्यूटी लाइम लाइट में रही । और फिर विधू विनोद चोपड़ा की फिल्म  1942 - अ लव स्टोरी से वो इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल हो गई। 

मनीषा का करियर शुरूआती दौर में बहुत अच्छा रहा। उन्हें इंडस्ट्री के ए लिस्टर्स फिल्म मेकर्स का साथ मिला। 1942 A लव स्टोरी के बाद फिल्म बॉम्बे में उन्होंने गजब की एक्टिंग की। मणिरत्नम की इस फिल्म ने मनीषा के करियर को और बूस्ट किया। बॉम्बे के बाद तो मनीषा की गिनती बॉलीवुड अच्छी एक्टिंग करने वाली हीरोइंस में होने लगी। इमोशनल सीन्स में तो मनीषा जान भर दिया करती थी । मनीषा ने कई फिल्मों में यादगार काम किया।  

मनीषा के टैलेंट को संजय लीला भंसाली ने भी जाना और समझा और उन्हें अपनी फिल्म खामोशी द म्यूजिकल में कास्ट किया। फिल्म में मनीषा ने बहुत अच्छी एक्टिंग की। वो बहुत खूबसूरत भी दिखी और बॉलीवुड में उनकी चर्चा होती रही.90s के दौर में मनीषा कोइराला माधुरी दीक्षित, काजोल, करिश्मा कपूर जैसी एक्ट्रेसेस को टक्कर दे रही थी। उस दौर में  उन्हें बेहद टैलेंटेंड एक्ट्रेस माना गया । गोविंदा ने तो उनकी तुलना ट्रैडजी क्वीन मीना कुमारी से की थी। 

लेकिन टैलेंटेड होने के साथ-साथ काम के प्रति जिम्मेदार होना भी जरूरी होता है, जिसकी मनीषा में कमी थी।अपने लापरवाह रवैये के कारण मनीषा ने कई फिल्मों की शूटिंग लटकाई और फिल्ममेकर्स को तंग किया, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। मनीषा को अच्छी फिल्में मिलनी बंद हो गई। मनीषा को अगर बड़ी फिल्में मिली तो वो भी फ्लॉप हो गई। विदू विनोद चोपड़ा, मणिरत्नम और संजय लीला भंसाली जैसे फिल्म मेकर्स ने मनीषा के साथ काम करने के बाद दोबारा काम करना पसंद नहीं किया। मनीषा ने उनकी फिल्मों में अच्छा काम किया लेकिन बावजूद इसके वो दुबारा इन डायरेक्टर्स की फिल्मों में नजर नहीं आई।  

जब बॉलीवुड के ए लिस्टर फिल्म मेकर्स ने किनारा कर लिया तो मनीषा बी और सी ग्रेड फिल्मों में दिखने लगी। एक छोटी सी लव स्टोरी, तुम और चाहत : एक नशा’ जैसी बी ग्रेड फिल्मों में  जब वो आई तो लोगों ने उनका मजाक बनाया। बॉलीवुड को मनीषा में कभी एक बहुत अच्छी एक्ट्रेस दिखी थी लेकिन मनीषा अपने करियर पर फोकस करने के बजाय अपने पर्सनल रिलेशन्स पर ज्यादा ध्यान दे रही थी। और जब तक उन्हें होश आय़ा बहुत देर हो चुकी थी। मनीषा मानती है कि उन्होंने गलत फिल्में चुनी और उनका करियर ग्रो नहीं कर पाया मनीषा को जब फिल्में मिलनी बंद हुई तो वो प्रोड्यूसर बन गई और साल 2004 में उन्होंने पैसा वसूल नाम की फिल्म बनाई। लेकिन इस फिल्म ने पैसा वसूलने के बजाय सब गंवा दिया। 

 

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