MARCH FOR INDIA की अगुवाई कर रहे अनुपम खेर ने कहा, यह मार्च भारत की टॉलरेंस के समर्थन में है

3 years ago

नई दिल्ली (7th November): देश की राजधानी दिल्ली में आज मार्च फॉर इंडिया का आयोजन किया जा रहा है। फिल्म अभिनेता अनुपम खेर की अगुवाई में ये मार्च निकाला जा रहा है, जो पुरस्कार लौटाने वालों के खिलाफ है।

मार्च फॉर इंडिया फिल्म अभिनेता अनुपम खेर निकाल रहे हैं। इस मार्च को निकालने की वजह बेहद गंभीर हैं, ये मार्च पुरुस्कार लौटा रहे फिल्मकारों, साहित्यकारों, और कलाकारों के खिलाफ निकाला जा रहा है। अनुपम खेर का कहना है कि यह मार्च किसी पॉलिटिकल पार्टी के सपोर्ट या खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं अवॉर्ड लौटा रहे लोगों से पूछना चाहता हूं कि राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की बात करना इन्टॉलरेंस कैसे हो गया?’ बता दें कि दिल्ली के जनपथ पर बने नेशनल म्यूजियम से राष्ट्रपति भवन तक जा रहे मार्च में डायरेक्टर मधुर भंडारकर, अशोक पंडित के साथ कई आर्टिस्ट, राइटर्स और पेंटर हिस्सा ले रहे हैं। यहां अभी तक 3 हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने की खबर है।

अनुपम खेर ने कहा कि यहां किसी की भी बुराई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ''हम यहां किसी के खिलाफ नारेबाजी नहीं करेंगे।'' उन्होंने कहा कि हम यहां केवल तीन नारे लगाएंगे। पहला नारा- भारत माता की जय। दूसरा नारा- मार्च फॉर इंडिया। तीसरा नारा- इंडिया इज टालरेंस।

अनुपम खेर ने कहा- हम यहां गुस्सा दिखाने के लिए नहीं आए हैं। मैं उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने देश में इन्टॉलरेंस बढ़ने के खिलाफ अवॉर्ड लौटाए, अगर वे ऐसा नहीं करते तो हमें अपनी एकजुटता दिखाने का मौका नहीं मिलता।

उन्होंने कहा हमारा मार्च किसी के विरोध में नहीं बल्कि भारत की टॉलरेंस के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में हम कहीं भी जाते हैं तो हमारी नेशनलिटी पूछी जाती है, जो इंडियन है। वहां हमारी पहचान हमारी जाति और धर्म से नहीं होती। इसलिए भारत में रहने वाला हर नागरिक भारतीय है। उन्होंने कहा कि देश के टॉलरेंस को संभालना सिर्फ पीएम का काम नहीं, हम सबका काम है। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी इन्टॉलरेंस नहीं है। राष्ट्रपति ने हमें 1 बजे मिलने का वक्त दिया है। हम उनके सामने अपनी बात रखेंगे। इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''आज अवॉर्ड लौटाने वाले लोग 84 के दंगों के दौरान कहां थे? तब उन्हें इन्टॉलरेंस क्यों नहीं दिखाई दी?'

अनुपम खेर ने और क्या कहा

- अनुपम ने ट्विटर पर पीएम नरेंद्र मोदी से एक श्रोता बनकर करोडों इंडियन्स के विचार सुनने का अनुरोध किया है।

- उन्होंने ट्विटर पर लिखा 'प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी! हमें पूरी दुनिया में करोड़ों भारतीयों के विचार साझा करने के लिए कल का समय दीजिए। हालांकि, मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अभी पीएम से मिलने का वक्त नहीं मिला है।

- उन्होंने कहा- हमें राष्ट्रभक्त कैसे बनना है, यह हमें दूसरे लोगों से नहीं सीखना। मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं कि देश में ऐसा क्या हो गया जो उनकी राष्ट्रभक्ति को चोट करता है?

- अनुपम खेर ने कहा- अवॉर्ड लौटाने वाले दुनियाभर में देश की छवि खराब कर रहे हैं। मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं कि राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की बात करना इन्टॉलरेंस कैसे हो गया? मेरा मानना है कि उनका सिलिक्टिव सेक्युलिरिज्म पॉलिटिक्स से जुड़ा हुआ है। इसलिए शायद वे राष्ट्रभक्ति की बातों को सुनना ही नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि वे लोग मुझसे बड़े हिन्दुस्तानी नहीं हो सकते जो दुनिया में भारत की छवि खराब कर रहे हैं।#MarchForIndia के सपोर्टर्स ने क्या कहा?

491 फिल्मों में काम कर चुके अनुपम खेर पहले भी देश में कथित असहिष्णुता के माहौल के खिलाफ बयान देने वालों, पुरुस्कार लौटाने वालों को आड़े हाथ ले चुके हैं। अनुपम खेर की अगुवाई में निकलने वाले मार्च में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। यहीं नहीं राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में कई मशहूर लोगों के हस्ताक्षर होंगे, जिनमें बिरजू महाराज, पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, गीतकार प्रसून जोशी, फिल्म निर्देशक शेखर कपूर और फिल्म अभिनेता कमल हासन नाम शामिल है।

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