जब मीनाक्षी शेषाद्रि पर फिदा हुआ एक डायरेक्टर ! ठुकराए जाने पर भी मीनाक्षी के लिए बनाता रहा फिल्में

11 months ago

 

मीनाक्षी शेषाद्रि - राज कुमार संतोषी 

लाइट्स कैंमरा और एक्शन कहने वाला डायरेक्टर पूरी फिल्म का कैप्टन होता है और अक्सर डायरेक्टर अपनी हीरोइन के प्यार में पड़ जाता है। डायरेक्टर राज कुमार संतोषी का दिल भी दामिनी पर आ गया था। राज कुमार संतोषी मीनाक्षी के प्यार में इस कदर डूबे थे कि उनके आंखे अपनी दामिनी से नहीं हटती थ । .घायल फिल्म की सफलता के बाद राज कुमार संतोषी ने मीनाक्षी को प्रपोज किया था लेकिन मीनाक्षी ने उनके  प्रपोजल को ठुकरा दिया था। हालांकि इसके बावजूद  भी मीणाक्षी के साथ राजकुमार संतोषी ने कई फिल्मों में काम किया। मीनाक्षा के अलावा भी कई ऐसी एक्ट्रेसेस है जिनके डायरेक्टर हीरोइन के प्यार में पड़ गए। 

उर्मिला - राम गोपाल वर्मा 

रंगीला गर्ल उर्मिला पर लट्टू थे राम गोपाल वर्मा। उर्मिला को उनके लाइफ की सबसे बड़ी हिट फिल्म देने वाले डायरेक्टर भी राम गोपाल वर्मा ही थे। उर्मिला को राम गोपाल वर्मा ने अपनी इतनी फिल्मों में कास्ट किय़ा कि उन्हें राम गोपाल वर्मा की गर्ल के नाम से बुलाया दाने लगा। कई सालों तक .रामू की फेवरेट रही उर्मिला। फिल्म रंगीला के दौरान रामू पर उर्मिला का जादू चला । रंगीला का रंग एक दूसरे पर इतना चढ़ा कि दोनों के रोमांस के चर्चे आम हो गए। रंगीला के अलावा सत्या, कौन, जंगल', मस्त दौड़ और भूत जैसी फिल्मों में रामू ने उर्मिला को हीरोइन बनाया। ...रामू का ये रंगीला अंदाज उर्मिला के साथ सालों तक नजर आया..एक बार तो रामू की वाइफ ने उर्मिला को थप्पड़ तक जड़ दिया था ....वहीं उर्मिला सालों तक इस बात से इंकार करती रही कि उनका अफेयर रामू से हैं।

महिमा चौधरी-सुभाष घई 

डायरेक्टर से अफेयर करने वाली हीरोइंस में महिमा चौधरी का भी नाम शामिल है। साल 1997 में महिमा चौधरी को लांच करने वाले सुभाष घई भी अपने अफेेय़र  की वजह से  चर्चा में आए थे । सुभाष घई ने महिमा को शाहरुख खान के साथ फिल्म परदेस से ब्रेक दिया और लांच किया..महिमा की डेब्यू फिल्म तो हिट हो गई.लेकिन कुछ समय बाद महिमा ने सुभाष घई पर possessive होने का आरोप...

आशा पारेख- नासिर हुसैन 

बीते जमाने कि अभिनेत्री आशा पारेख और डायरेक्टर नासीर हुसैन.के प्यारे के चर्चे भी कम नहीं थे । कहा जाता है कि आशा पारेख के शादी ना करने की सबसे बड़ी वजह शादी शुदा नासीर थे । नासिर की फिल्म दिल देके देखो में आशा पारेख को कास्ट किया गया जो कि एक जबरद्स्त हिट रही...इसके बाद आशा पारेख ने नासिर के साथ 6 और फिल्में की..जिसमें तीसरी मंजिल,  बहारों के सपने और कारवां जैसी फिल्में भी थी 

परवीन बाबी-महेश भट्ट 

महेश भट्ट  पर भी एक जानी मानी हीरोइन मर मिटी थी। उस हीरोइन का नाम था परवीन बॉबी । महेश भट्ट ने अपनी और परवीन की कहानी पर एक नहीं बल्कि दो दो फिल्में बनाई। साल 2006 में आई महेश भट्ट की फिल्म वो लम्हें। इस फिल्म में कंगना मानसिक रोग से पीड़ित एक हीरोइन के रोल में थी....और फिल्म के हीरो शाइनी आहूजा ने निभाया महेश भट्ट का रोल। अपने स्टाइल और अपने बोल्ड और वेस्टन टच के लिए जाने जाने वाली परवीन बाबी एक बेहतरीन अदाकारा थी..परवीन बाबी और महेश भट्ट के रिश्ते की खबर 1982 में फिल्म अर्थ से सामने आई... जिसमें महेश ने अपने और परवीन के  रिश्ते को दिखाया। परवीन और महेश भट्ट के रिश्ते  चर्चा1977 से सामने आने लगी थी..और उसी पर बेस्ट थी ये उनकी फिल्म अर्थ । इस फिल्म में स्मिता पाटील ने परवीन बाबी के रोल को प्ले किया था..अपनी निजी जिंदगी में परवीन ने बहुत से उतार चढ़ाव देखे..और उनकी जिंदगी में बहुत अकेलापन था। उन्हें हर वक्त ये लगता था कि उन्हें कोई मार देगा। महेश भट्ट और परवीन बॉबी का लिव इन रिलेशन करीब साढ़े तीन सालों तक चला । परवीन बॉबी मानसिक रोग की शिकार हो रही थी और यही से महेश भट्ट और परवीन का रिश्ता टूट गया । महेश भट्ट से अलग होने के बाद परवीन अमेरिका चली गई थीं। 22 जनवरी 2005 को अकेलेपन और कई बीमारियों की वजह से परवीन की मौत हो गई। 

वहीदा रहमान - गुरू दत्त 

 

जमाने से कहीं आगे की फिल्में बनाने वाले गुरू दत्त पर फिदा होने  लगी थी वहीदा। वहीदा को गुरू दत्त ही मुंबई लेकर आए थे और फिल्म सीआईडी में वैम्प का रोल भी दिया था....लेकिन प्यासा तक आते आते गुरू और वहीदा की प्रेम कहानी शुरू हो गई। फिल्म प्यासा के बाद गुरू दत्त और वहीदा ने एक साथ चौधवी का चांद, काजग के फूल,साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिल्मों में साथ काम किया। फिल्म दर फिल्म वहीदा और गुरुदत्त का अफसाना और गहरा होने लगा था। गुरू दत्त ने अपनी और वहीदा की कहानी पर फिल्म कागज के फूल बनाई थी। फिल्म की कहानी एकशादीशुदा डायरेक्टरऔर हीरोइन के अफेय़र पर थी। कागज के फूल फ्ल़ॉप हो गई और गुरूदत्त को बड़ा झटका लगा था। इस फिल्म के दौरान ही वो वहीदा से अलग हुए थे। कहते हैं वहीदा के गम में  10 अक्टूबर 1964 की रात उन्होंने जरूरत से ज्यादा शराब पी थी और अगले दिन सुबह गुरू दत्त मरे हुए पाए गए। 

नर्गिस - राज कपूर 

अपने डायरेक्टर पर फिदा होने वाली हीरोइंस में नरगिस का नाम भी शुमार है। फिल्म बरसात के दौरान 25 साल के शो मैन पर कुर्बान होने लगी नर्गिस हालांकि राज कपूर की कृष्णा राज कपूर के साथ 1946 में ही शादी हो चुकी थी लेकिन नरगिस खुद को शादीशुदाराज के प्यार में पड़ने से रोक नहीं पाई नरगिस को राज कपूर से इस कदर प्य़ार हुआ कि उन्होंने सिर्फ आर के बैनर की फिल्मों में ही काम किया। करीब दस सालों तक चला शो मैंन राज कपूर और नरगिस का प्यार ....। इन दोनों ने एक साथ 16 फिल्मों में काम किया लेकिन शादीशुदा राज कपूर नरगिस के साथ अपने रिश्ते को कोई नाम नहीं दे सके और फिल्म श्री 420 के बाद दोनों की राहें अलग हो गई। 

साधना - आर के नैय्यर 

60S के दशक की स्टाइल आइकॉन साधना शिवदासानी भी डायरेक्टर आर के नैय्यर पर फिदा हो गई थी। साधना की पहली फिल्म लव इन शिमला के डायरेक्टर थे आर के नैय्यर ....पहली ही फिल्म से दोनों के बीच प्यार हो गया और 1965 में साधना ने आर के नैय्यर से शादी रचा ली। 

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