#MeToo संध्या मृदुल के कमरे में घुस आए थे आलोक नाथ, बाथरुम में लॉक कर खुद को बचाया था !

3 months ago

 कई सालों तक आलोक नाथ ने अपने संस्कारों से लोंगों को इम्प्रेस किया है । बॉलीवुड की कई संस्कारी फिल्मों में काम किया। कई टीवी शोज में काम कर लोगों का दिल जीता। लेकिन अब मीटू मूमेन्ट ने संस्कारी बाबूजी की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। पहले उनपर तारा की राइटर और प्रोड्यूसर विंटा नंदा ने रेप का इल्ज़ाम लगाया है। उसके बाद फिल्म हम साथ साथ हैं कि क्रू-मेंबर ने संस्कारी बाबू के चेहरे से नक़ाब हटायाऔर अब एक्ट्रेस संध्या मृदुल ने भी आलोक नाथ का कच्चा-चिठ्ठा खोलकर रख दिया है। संध्या मृदुल ने ना सिर्फ आलोक नाथ पर विंटा नंदा के आरोपो का समर्थन किया है बल्कि उन्हें ये भी ख़ुलासा किया है कि संस्कारी बाबूजी ने उनके साथ भी गंदा काम किया है। 

संध्‍या ने ट्विटर पर ख़ुलासा किया है कि मेरे करियर की शुरुआत में जब मैं एक टेलीफिल्म 'कोडाईकनला' की शूटिंग कर रहे थे। इस टेलीफिल्म में आलोकनाथ मेरे पिता के और रीमा लागू मेरी मां के किरदार में थे। आलोकनाथ मुझसे बहुत इंप्रेस थे और उन्होंने मुझे 'भगवान का बच्चा' बताया था। मैं सातवें आसमान पर थी और मैं बाबूजी की बहुत बड़ी फैन हो गई थी। मैं उनके साथ बहुत कॉन्फिडेंट हो गई थी।

संध्या के मुताबिक वो आलोक नाथ की काफी इज्ज़त करती थीं.लेकिन एक रात उन्होंने शराब के नशे में उनके साथ कुछ ऐसा किया कि संस्कारी बाबूजी को लेकर उनका नज़रिया बदल गया। उन्होंने लिखा कि एक रात शूट का पैकअप करने के बाद सारी कास्ट बाहर डिनर के लिए गए थे। डिनर के वक्त आलोकनाथ ने ज्यादा शराब पी ली थी। मुझे इतना याद है कि मैं उनके पास बैठी हुई थी और उन्होंने मुझे बहुत नर्वस और अनकंफर्टेबल महसूस करवाया था। मेरे को-स्टार को ये समझ आ गया था, जिसके बाद वो मुझे बाहर लेकर चले गए थे। 

संध्या मृदुल यही नहीं रुकीं.. इसके बाद वो ये भी बताती हैं कि उस रात आलोक नाथ उनके होटल रूम में ज़बरदस्ती घुस आए थे। उस रात हम बिना डिनर किए ही होटल वापस लौट आए थे। काफी देर हो चुकी थी, इसलिए मैं अपने कमरे में आ गई थी। इसके बाद वहां कॉस्ट्यूम दादा आए और अगले दिन के शूट के कपड़े देकर चले गए। उनके जाने के कुछ देर बाद मेरे दरवाजे पर फिर दस्तक हुई और मैंने दरवाजा खोला तो वहां आलोकनाथ खड़े थे। मैंने दरवाजा बंद करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने धक्का दे दिया। इसके बाद मैं बाथरूम में गई और दरवाजा बंद कर लिया। 

संध्या के मुताबिक जब उन्होंने ख़ुद को आलोक नाथ से बचने के लिए बाथरूम में बंद कर लिया था तो संस्कारी बाबूजी ने ज़ोर ज़ोर से चिल्लाना शुरू कर दिया था। संध्या ने लिखा है कि आलोकनाथ वहीं बाहर से चिल्ला रहे थे कि मैं तुम्हे चाहता हूं और तुम सिर्फ मेरी हो। उन्होंने बाथरूम आने की कोशिश भी की, लेकिन वहां से भागकर लॉबी की तरफ आ गई। वो मुझे पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन नाकामयाब रहे। इसके बाद मैंने हेयरड्रेसर को मेरे कमरे में सुलाया। 

हालांकि संध्या ने ये भी ख़ुलासा किया है कि इस इन्सीटेन्ड के एक दिन बाद आलोक नाथ ने उनसे रो-रोकर माफी भी मांगी थी।संस्कारी बाबू जी ने उनसे कहा था कि उन्होंने उस रात जो भी किया था वो नशे की हालत में किया था..लेकिन संध्या की बात से एक बात तो साफ पता चलती हैं कि कैमरा के सामने संस्कारी बाबूजी का चोला ओढ़कर आने वाले आलोक नाथ जैसे दिखते हैं वैसे वो हैं नहीं।