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हिंदी फिल्मों के मशहूर संगीतकार नीरज का निधन, 93 साल की उम्र में एम्स में ली आखिरी सांस

July 20, 2018, 11:35 a.m.

हिंदी फिल्मों के जाने माने गीतकार और कवि गोपाल दास नीरज का निधन हो गया है। नीरज जी 93 वर्ष के थे।

 उन्होंने दिल्‍ली के एम्‍स अस्पताल में आखिरी सांस ली। शाम सात बजकर 35 मिनट पर उनका निधन हुआ। वो पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। बुधवार की शाम को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें आगरा से दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां उन्हें ट्रामा सेंटर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है।   

60 और 70 के गदशक में नीरज ने हिंदी फिल्मों में बहुत खूबसूरत गीत लिखे। उन्होंउनके लिखे गाने ऐसे अमर हुए कि आज भी लोग उनके गाने को गुनगुनाते हुए दिख जाएंगे। नीरज ने अपने खूबसूरत हिंदी शब्दों से फिल्मी संगीत को बखूबी संवारा । हिंदी सिनेमा को एक गीतकार के रूप में जो योगदान दिया है, उसे भुलाया नहीं जा सकता।  

नीरज ने ज्यादातर गीत देव आनंद के लिए लिखे। असल में देव आंनद ही नीरज को एक तरह से देखें तो मुंबई लाए थे। नीरज के बाकी गीतों में ‘जीवन की बगिया महकेगी’, ‘ए भाई जरा देख के चलो’, ‘काल का पहिया घूमे रे भइया!’, ‘बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ, आदमी हूं- आदमी से प्यार करता हूं’,’दिल आज शायर है’, ‘फूलों के रंग से, दिल की कलम से’ ‘शोखियों में घोला जाए’, ‘लिखे जो खत तुझे’, ‘दिल आज शायर है’, ‘खिलते हैं गुल यहां’, जैसे गीत काफी मशहूर हैं।