सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत को दिखाई हरी झंडी, करणी सेना ने किया जनता कर्फ्यू का ऐलान !

12 months ago

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पद्मावती को राहत दे दी है। स्टेट्स को सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत को रिलीज़ करने का फरमान सुना दिया है... बता दिया है कि - जब सेंसर सर्टिफिकेट देकर - किसी फ़िल्म को रिलीज़ सेंसर ने मंजूरी दे दी, तो वो राज्य सरकारें उस पर बैन नहीं लगा सकतीं। ये आदेश आने भर की देर थी कि बॉलीवुड में खुशी की लहर दौड़ गई पद्मावत की रिलीज़ पर बैन लिफ्ट होने का मतलब ये कि पूरे देश में लोग उसे देख पाएंगे.। लेकिन दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट का फरमान सुनकर - करणी सेना भड़क गई.। उन्होने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही सवाल उठा दिया और देश भर में पद्मावत पर जनता कर्फ्यू का ऐलान कर दिया। 

ये तो कुछ भी नहीं - महाराष्ट्र के करणी सेना अध्यक्ष - जीवन सोलंकी ने तो सुप्रीम कोर्ट और सरकारों को खुली धमकी दे दी... कि अगर ये फैसला नहीं बदला औऱ पद्मावत रिलीज़ हुई, तो जहां-जहां पद्मावत रिलीज़ होगी... थियेटर्स जलेंगे । करणी सेना ने पद्मावत के विरोध में खुलेआम जौहर की धमकी दी है कि चित्तौड़गढ़ में राजपूती औरतें - रानी पद्मावती का सम्मान बचाए रखने के लिए जौहर करेंगी...। यानि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहत की उम्मीद करने वाले - पद्मावत के लिए आफ़त बढ़ती जा रही है। 

 उधर जिन-जिन राज्यों ने पद्मावत को बैन किया था, वो सामने तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान कर रहे हैं... लेकिन साथ ही - इस फैसले पर अपील करके - पद्मावत की राह रोकने की कानूनी - पेंच तलाशने में जुट गए हैं। एम पी गर्वमेंट तो साबित करने में जुट गई.कि एमपी वाकई गज़ब है। उन्होने तो ऐलान कर दिया कि - सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो है.. लेकिन पद्मावत पर मध्य प्रदेश में रोक जारी है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकारों को कानून व्यवस्था संभालने की ज़िम्मेदारी खुद तय करने को कहा है.... । ऐसे में राजपूत संगठनों की धमकियों पर महाराष्ट्र सरकार कोई ख़ास इंतेज़ाम करने को तैयार नहीं है.उधर करणी सेना और राजपूत संगठनों का विरोध जारी है। छत्तीसगढ़ में करणी सेना के पोस्टर जलाए गएंऔर धमकी दी गई कि अगर पद्मावत रिलीज़ होगी, तो हंगामा होगा.... । सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ़ - करणी सेना के महामंत्री - सूरज पाल एमू ने - विरोध के इस लड़ाई को जारी रखने का ऐलान किया है।

पद्मावत के प्रोड्यूसर्स और मेकर्स खुश हैं.लेकिन चुप हैं, वो सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद भी - पद्मावत की आफ़त को नज़र अंदाज़ नहीं कर रहे हैं। हांलाकि इस फैसले के बाद राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी बन गई है कि पद्मावत का फैसला - अब सड़कों पर नहीं, बल्कि थियेटर्स के अंदर हो। बैन के बादल तो हट गए हैं, लेकिन पद्मावत पर जनता कर्फ्यू का डर मंडरा रहा है..। थियेटरों को आग लगाने की धमकी के साए में डिस्ट्रीब्यूटर और थियेटर्स दोनो को पद्मावत को दिखाना तो चाहते हैं, लेकिन हंगामों के आगे उनकी हिम्मत जवाब दे रही है।