फिल्मस्टार्स के फैंस तो होते हैं लेकिन रजनीकांत के भक्त होते हैं।

1 years ago

 

फिल्मस्टार्स के फैंस तो होते हैं लेकिन रजनीकांत के रजनीकांत के भक्त होते हैं। श्रद्धालु होते हैं। सेवक होते हैं। जिन्होंने रजनीकांत को अपना भगवान मान लिया है। मंदिर बना लिए हैं। उनकी हर फिल्म की रिलीज पर सैकड़ों फीट ऊंचे कटआउट लगाए जाते हैं। उनका हजारों लीटर दूध से अभिषेक होता है। ये भक्त अपने भगवान की फिल्म देखने से पहले उनकी पूजा अर्चना करते हैं।

फिर पूरे श्रद्धाभाव से अपने भगवान के सिनेमाई अवतार में लीन हो जाते हैं। पिछली बार रजनीकांत की फिल्म लिंगा रिलीज हुई थी पता चला कि सिनेमा हॉल के आसपास कहीं भी चाय नहीं मिल रही है। जानकारी मिली की चाय कहां से मिलेगी? भक्तों ने सारा दूध अपने भगवान के पोस्टर पर उड़ेल दिया। कोई पचास हजार लीटर दूध रजनीकांत के नाम पर पोस्टर पर बहा दिया गया। जी हां पचास हजार लीटर। सिन्टेक्स की बड़ी वाली 50 टंकियां। 

 

उनकी फिल्म कवाली जब रिलीज होने वाली थी तो  दूध के इंतजाम के लिए तबेले वालों को बयाना दे दिया है भक्तों ने। डेयरी वाले हलकान थे। इतना दूध लाएंगे कहां से। इस धर्मसंकट से निपटने के लिए कुछ साहसी लोग सामने आए हैं। वो रजनीकांत से अनुरोध करने वाले हैं कि भगवान आप ही अपने भक्तों को समझाइए। देश में करोड़ों बच्चों को दूध नहीं मिलता और यहां आपके भक्त हजारों लीटर पोस्टर पर बहा दे रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस बार रजनीकांत अपने रिपब्लिक के लोगों से दूध की बर्बादी रोकने की अपील करेंगे।

ये तय करना मुश्किल है कि ये रजनीकांत की फिल्मों का जादू है कि उनकी शख्सियत का। फिल्म स्टार तो बहुत हैं लेकिन रजनीकांत जादूगर हैं। जिनके दिवाने रिक्शा चलाने वाले हैं तो आईटी प्रोफेशनल भी हैं। कारोबारी भी उनके फैन हैं तो अधिकारी भी। यहां तक की  फिल्में बनाने वाले लिखने वाले और उसकी आलोचना करने वाले तक उनके रिपब्लिक में सिर नवाते हैं। 

 

 

Related Posts