गुलजार राखी की शादी क्यों टूट गई थी ? जानिए वजह

1 years ago

साल 1973 में मायानगरी में तीन शादियां सुर्ख़ियों के बायस बनी डिंपल और राजेश ख़न्ना, जया और अमिताभ राख़ी और गुलज़ार । गुलज़ार तब तक काबिल डायरेक्टर बन चुके थे...और राखी भी अदाकारा के तौर पर अपना मुकाम बना चुकी थीं । हांलाकि राखी की शादी 15 बरस की उम्र में ही हो गई थी.लेकिन बांग्ला फ़िल्म डायरेक्टर अजय विश्वास के साथ राखी का रिश्ता धीरे-धीरे कमज़ोर होता गया.और फ़िर टूट गया।

बंबई में राखी अपनी दोस्त चांद उस्मानी के घर रह रही थीं । वहीं गुलज़ार से उनकी मुलाकात हुई। गुलज़ार के गीतों को सुनकर राखी ने उनके बारे में एक अधेड़, बेपरवाह शख़्स की जो तस्वीर अपनी ज़ेहन में बिठा रखी थी, वो सफेद कुर्ते-पायजामें में क्लीन शेव्ड गुलज़ार को देखते ही टूट गई..और राखी, गुलज़ार के करीब आती गईं । धीरे धीरे राखी और गुलजार की मुलाकाते बढ़ने लगी। स्टूडियो में आते-जाते दोनों एक-दूसरे से मिलते रहे। राखी और गुलजार अंतर्मुखी हैं। दोनों शोर-शराबे से दूर रहे हैं। यही वजह है कि वे न तो पार्टी आदि में साथ दिखाई देते थे और न फिल्मों के प्रीमियर पर। राखी और गुलजार के बीच कब प्यार के अंकुर फूट गए, यह उन दोनों को भी पता नहीं चला। दोनों की मुलाकातें अक्सर होती थीं। राखी अपने हाथ से बनी बंगाली व्यंजन गुलजार को खिलातीं। 

 

 

दरअसल, राखी गुलजार के बांग्ला प्रेम से बहुत प्रभावित हुई। गुलजार अब तक फिल्म जगत में एक बड़ा नाम बन चुके थे। लेखक और गीतकार के रूप में ही नहीं, निर्माता-निर्देशक के रूप में भी वे नाम कमा चुके थे। दूसरी ओर राखी ने भी एक एक्ट्रेस के तौर पर में अपनी जगह बना ली थी। सच तो यह है कि शर्मीली ने उन्हें स्टार बना दिया था।पांच साल की दोस्ती के बाद राखी और गुलजार ने शादी का फैसला किया. तब गुलजार राखी के इस बात के मुरीद थे कि राखी को घर सजाना संवारना बखूबी आता है।राखी के हाथ का बना खाना भी उन्हें बहुत पसंद था। राखी और गुलजार दोनों एक दूसरे को शोनू कहकर बुलाने थे और फिर दोनों ने  1973 में शादी कर ली। 

18 अप्रैल 1973 को राखी और गुजजार की शादी में पूरी फिल्म इंडस्ट्री बधाई देने पहुंची. इस साल राजेश खन्ना डिंपल और अमिताभ जया की भी शादी हुई थी और राखी की शादी भी काफी चर्चित रही। शादी के बाद राखी पति के साथ हनीमून मनाने कश्मीर गई। कश्मीर से लौटने के बाद वो गुलजार के कोजी होम स्थित फ्लैट में राखी आ गई । शादी के बाद वो राखी गुलजार हो गई। लगभग तीन साल तक राखी गुलजार ने कोई फिल्म नहीं की। शादी के एक साल बाद ही राखी प्रेगनेन्ट हो गई। 12 दिसंबर 1973 को राखी मां बनी और उनकी गोद में नन्हीं सी परी बोस्की आ गई थी। बोस्की के आने राखी की जिंदगी का मौसम बदलना था. लेकिन 1974 में आई एक आंधी ने बसा बसाया घर उजाड़ दिया. गुलजार और राखी के रास्ते अलग हो गए थे। 1 साल बोस्की दोराहे पर खड़ी थी खुद राखी भी नहीं जानती थी कि इस खुशहाल दौर में एक ऐसी आंधी आएगी जो, दिल के रिश्तो को तार तार कर जाएगी.. 1974 में आंधी की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि राखी गुलजार साहब का घर छोड़कर चली गईं। 

कहा जाता है, राखी की ख्वाहिश थी फिल्म आंधी में आरती देवी का किरदार निभाने की. लेकिन गुलजार साहब आरती देवी को एक खास शक्ल देना चाहते थे। वो शक्ल थी बांग्ला अदाकारा सुचित्रा से। उस वक्त तो राखी पति का क्रियेटिव अर्ज मान गईं, लेकिन ये सवाल रह ही गया कि गुलजार साहब की किसी फिल्म में आखिर वो क्यों नहीं होती। एक रात कश्मीर में गुलजार सुचित्रा सेन को उनके कमरे तक छोड़ने गए थे। कहा गया कि संजीव कुमार शराब के नशे में सुचित्रा के साथ ज्यादा ही करीब होने की कोशिश कर रहे थे ऐसे में गुलजार सुचित्रा को उनके कमरे तक छोड़ने गए। इस बात पर राखी उनसे नाराज हो गई और होटल में गुलजार से उऩकी बहस होने लगी। बात ज्यादा बढ़ी तो नाराज होकर गुलजार ने राखी को एक थप्पड़ मार दिया बस यहीं से हमेशा के लिए उनसे अलग हो गई राखी। बेटी मेघना की खातिर राखी और गुलजार ने कभी तलाक नहीं लिया लेकिन कभी साथ भी नहीं रहे। कुछ दिन पहले इनकी एक तस्वीर आई थी जिसमें दोनों होली खेलते दिखे थे। 

 

 

 

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