पिता की अस्थियों को रानी मुखर्जी ने संगम में प्रवाहित किया

1 years ago

 

फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने पिता राम मुखर्जी की अस्थियों को  संगम में जाकर प्रवाहित किया।  आज सुबह ही रानी इलाहाबाद पहुंची। सुबह 10:50 से लेकर 11:20 तक मुखर्जी का परिवार संगम तट पर मौजूद रहा।

स्टीमर से संगम के बीच जाकर रानी ने अस्थियां प्रवाहित कीं। बता दें, 5 अगस्त को ऐश्वर्या राय भी अपने प‍िता के अस्थि‍ विसर्जन के लिए संगम आई थीं। 

PHOTOS: पिता की अस्थि विसर्जन करने संगम पहुंची रानी मुखर्जी

रानी के साथ पति आदित्य चोपड़ा और भाई राजा मुखर्जी भी थे रानी के पिता राम मुखर्जी का निधन 22 अक्टूबर की सुबह करीब 6 बजे मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में   हो गया था। राम मुखर्जी  84 साल के थे । 22 अक्टूबर की .दोपहर करीब 2 बजे मुंबई के पवन हंस श्मशान में उनका अंतिम संस्कार हुआ। 

राम मुखर्जी के अंतिम संस्कार के वक्त उनकी बेटी रानी मुखर्जी, पत्नी कृष्णा मुखर्जी, बेटा राजा और दामाद आदित्य चोपड़ा तो मौजूद थे ही साथ ही उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे आमिर ख़ान, रणवीर सिंह, अनिल कपूर, आशुतोष गोवारिकर ।

 

आपको बता दें कि राम मुखर्जी पिछले कई महीने से बीमारे थे और उनका मुम्बई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज चल रहा था। 22 अक्टूबर को ब्लड प्रेशर लो होने की वजह से सुबह करीब 6 बजे ही उनका निधन हो गया ।

बताया जा रहा था की जिस वक्त राम मुखर्जी ने अखिरी सांसे ली तब उनके साथ उनकी फैमिली भी मौजुद थी।  राम मुखर्जी फिल्मालया स्टूडियो के फाउंडर थे.जिन्होंने हिन्दी और बंगाली सिनेमा में बतौर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रीनराइटर अपनी जगह बनाई । राम मुखर्जी अभिनेता जॉय मुखर्जी के चचेरे भाई थे। 1996 में रानी मुखर्जी की पहली बंगाली फिल्म बियेरे फूल राम मुखर्जी ने डायरेक्ट की थी।

1997 में रानी की पहली हिंदी फिल्म राजा की आएगी बारात रिलीज हुई थी। ये फिल्म राम मुखर्जी के प्रोडक्शन बैनर तले बनी थी। राम मुखर्जी ने 'लीडर', 'हम हिंदुस्तानी' 'एक बार मुस्करा दो' और रक्ते लेखा जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। रानी अपने पिता राम मुखर्जी के काफी क्लोज़ थी.और उनकी लम्बी चली बीमारी के वक्त रानी ने उनका पूरा ख़्याल रखा . इस बात से अपसेट रानी ने एक वक्त में अपने करियर और शादी तक को बैक सीट पर रख दिया था । 

 

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