बर्थडे स्पेशल-ऋषि कपूर के परिवार की ये तस्वीरें आपने पहले देखी ना होंगी !

1 years ago
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65 साल पहले 4 सितंबर 1952 में राज कपूर के घर दूसरे बेटे का जन्म हुआ। शो मैन राज कपूर का ये बेटा भी एक्टर बनना चाहता था। ऋषि कपूर की मां का नाम कृष्णा राज कपूर है. उनके घर का नाम चिंटू हैं. रणधीर कपूर और राजीव कपूर नाम के उनके दो भाई हैं. रणधीर कपूर और राजीव कपूर दोनों ही बॉलीवुड अभिनेता हैं.  शुरूआत हुई फिल्म मेरा नाम जोकर से। ऋषि ने फिल्म में राजकपूर के बचपन का रोल निभाया । गोल मटोल रिशी ने बचपन में ही अपना टैंलेंट दिखा दिया था और जीत ले गए बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड।  पर अफसोस, ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई। 

शो मैन राज कपूर का ये बेटा भी एक्टर बनना चाहता था। शुरूआत हुई फिल्म मेरा नाम जोकर से। ऋषि ने फिल्म में राजकपूर के बचपन का रोल निभाया । गोल मटोल रिशी ने बचपन में ही अपना टैंलेंट दिखा दिया था और जीत ले गए बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड।  पर अफसोस, ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई। 

 

मेरा नाम जोकर ने राज कपूर को कर्जे में डूबा दिया। इससे उबरने के लिए उन्होंने एक लव बनाने की सोची। हीरो तो उन्हें घर में ही मिल गया और हीरोइन के लिए चुनी गई डिपंल। 1973 में बॉबी फिल्म से बतौर हीरो लॉन्च हुए  ऋषि कपूर और  तो रातों रात स्टार बन गए। इस फिल्म के लिए 1974 में रिशी कपूर को पहला फिल्म फेयर बेस्टएक्टर अवॉर्ड मिला

ये वो दौर था जब राजेश खन्ना का जादू उतर चुका था और जंजीर के साथ अमिताभ बच्चन नाम का एंग्री यंग मैन बॉलीवुड में आ चुका था। एक्शन के उस दौर में रिशी कपूर की जगह कोई और होता तो शायद ही टिक पाता लेकिन रिषि ने अपनी काबिलियत के दम पर अलग ही पहचान बनाई। एंग्री यंग मैन अमिताभ के दौर में भी रिशी कपूर आगे बढ़ते रहे। उनकी रोमांटिक फिल्में ब़ॉक्स ऑफिस पर फतह हासिल करती रही। 

उस दौर में नीतू सिंह के साथ उनकी जोड़ी खूब मशहूर रही। जिस फिल्म में भी रिशी और नीतू की जोड़ी होती वो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जरूर कामयाब होती थी।  ऋषि कपूर और नीतू सिंह ने एक साथ करीब 13 फिल्मों में साथ काम किया और इस जोड़ी का जादू कुछ ऐसा था कि  आज भी बॉलीवुड की टॉप 5 जोड़ियों में ये शामिल है। 

 ऋषिकपूर को हमेशा एक अच्छा एक्टर माना गया। फिल्म क्रिटिक्स तो उन्हें अपने भाइयो ही नहीं, चाचाओं से भी बेहतर एक्टर माना। कुछ क्रिटिक्स उन्हें कपूर खानदान का सबसे टैलेंटेड एक्टर माना। हां ये बात जरुर है कि रिशी को उनके टैलेंट के हिसाब से कम रोल मिले । 

 ऋषि कपूर ने 80s के दौर में भी स्टारडम बरकरार रखा। 1980 में आई फिल्म कर्ज सुपर हिट रही। और रिशी बॉलीवुड  के रॉक स्टार बन गए ऋषि एक ऐसे हीरो थे, जिन्होंने अपने दम पर लगातार हिट फिल्में दीं और अपनी फैन फॉलोइंग को थामे रखा। वे रोमांटिक रोल में खूब फबते थे, कॉमेडी अच्छी कर लेते थे और एक्शन सीन में भी मिसफिट नहीं लगते थे। 1982 में आई प्रेम रोग में यू तो पदमिनी कोल्हापूरे का रोल बहुत स्ट्रॉन्ग था लेकिन एक गरीब ब्राह्मण के बेटे के रोल में रिशी अपना प्रभाव छोड़ गए । 80 के दशक में  ऋषि कपूर ने नगीना, चांदनी, एक चादर मैली सी जैसी फिल्मों में खूब पसंद किए गए। अपने 40 साल के फिल्मी करियर में रिशी ने सिमी गरेवाल से लेकर दिव्या भारती तक के साथ फिल्मी परदे पर रोमांस किया। 

 

90s में रिशी कपूर हिना, बोल राधा बोल, दीवाना, "दामिनी" जैसी फिल्मों के जरिए हीरो के तौर पर पारी खेलते रहे। लेकिन  बढ़ती उम्र के साथ वो कैरेक्टर रोल में ढलने लगे....और इसकी शुरूआत हुई 2001 में आई फिल्म कुछ खट्टी कुछ मीठी से....।   हम-तुम, फना, नमस्ते लंदन जैसी कामयाब  फिल्मों में  ऋषि कपूर पापा के रोल निभाने लगे। रिशी कपूर का सफर अब भी जारी है । 65 साल की उम्र में भी  रिशी कपूर अलग-अलग तरह की फिल्मों मे काम  कर रहे है।   

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