फिल्म 'संजू' में संजय दत्त के बचपन की कहानी नहीं थी, यहां देखिए तस्वीरें

11 months ago

संजय दत्त इन दिनों बहुत चर्चा में हैं। 29 जुलाई को उनका जन्मदिन होता है। बॉलीवुड के मुन्ना भाई 59 साल के हो गए हैं। संजय दत्त की जिंदगी पर बनी फिल्म संजू को बहुत पसंद किया गया। संजय दत्त की जिंदगी की कहानी दर्शकों को बहुत पसंद आई। 

फिल्म में संजय दत्त की जिंदगी के कई पहलुओं को दिखाया गया लेकिन बचपन कहीं मिसिंग था। संजय दत्त के बचपन की शरारत भरी कहानियां लेकर हम आए हैं साथ ही उनकी कई तस्वीरें हमें मिली हैं। 

अपने मम्मी के बहुत लाडले थें संजय दत्त। घर के पहले बच्चे थे लिहाजा लाड़ प्यार भी खूब मिला। लेकिन इसका नतीजा ये हुआ कि संजय जिद्दी होने लगे। एक बार जो जिद्द कर ली उसे पूरा करवाने बगैर नहीं मानते थे।

नर्गिस उन्हें समझाती लेकिन संजय की जिद्द बढ़ती गई।  संजू बाबा जब घर में ज्यादा शैतानी करने लगे तो उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया ताकि वहां वो ढंग से पढ़ाई लिखाई करे। 

बोर्डिंग स्कूल में संजय गलत संगति में पड़ गए। नर्गिस को जब इसकी खबर लगी तो वो बहुत दुखी रहने लगी। उन्हें संजय की फिक्र वक्त सताती थी। जब नर्गिस पैन क्रियाज कैंसर ट्रीटमेंट के लिए अमेरिका गई तब उन्होंने बेटी नम्रता से संजय का ख्याल रखने को कहा था ।

 नर्गिस ने बेटी नम्रता को लिखा था। ,'' संजू का ध्यान रखना। देखनो वो फिर से उन गलत लड़को की दोस्ती में ना पड़ जाएं। संजय थोड़ा नासमझ है उसे इस बात की जरा भी समझ नहीं है कि वो क्या कर रहा है और फिर खुद को नुकसान पहुंचा लेता है।'' 

संजय दत्त की माने तो उन्होंने बचपन में बहुत शरारतें कीं और लोगों को बहुत तंग किया लेकिन अपने बच्चों से वो ऐसी उम्मीद नहीं करते। संजय़ दत्त चाहते है कि उनके बच्चों में दादाजी वाले संस्कार आए ।

संजय दत्त स्कूल के दिनों से ही ड्रग्स लेने लगे थे। पापा सुनील दत्त को जब इस बात की खबर लगी तो उन्हें सदमा लगा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 

बेटे को सही राह पर लाने के लिए बतौर हीरो बॉलीवुड में लॉन्च किया। सुनील दत्त ने संजय के लिए रॉकी फिल्म बनाई और फिल्म हिट रही।

रॉकी की रिलीज से 4 दिन पहले ही नरगिस गुजर गई। मां की मौत के बाद तो संजय का ड्रग्स लेना और बढ़ गया.फिल्में हाथ से जाने लगी..लेकिन इस घड़ी में सुनील दत्त ने बहुत पेसेंश से काम लिय़ा। बेटे संजय को लेकर वो अमेरिका के रिहैब सेंटर पहुंचे और संजय को नई जिंदगी दी।

संजय दत्त की माने तो वो कभी भी नशे की दुनिया से बाहर नहीं पाते अगर पापा सुनील दत्त ने साथ नहीं दिया होता। 1993 में भी जब संजय दत्त टाडा में फंसे थे। उस वक्त सुनील दत्त ने संजय का पूरा साथ निभाया।सुनील दत्त को इस बात का बहुत गम रहा कि उनके बेटे की जिंदगी काफी उथल पुथल भरी रही।

संजय अपनी मां नरगिस के बहुत करीब थे। नरगिस की मौत के बाद से ही संजय की जिंदगी में मुश्किले बढ़ती चली आई। लेकिन सुनील दत्त को अपने बेटे पर भरोसा था कि फिल्मों की एंड तरह उनके बेटे की लाइफ में भी सबकुछ अच्छा होगा और हुआ भी ऐसा ही।

7 मई को फिल्म का प्रीमियर था और 3 मई को ही नर्गिस छुनिया छोड़कर चल बसी। नर्गिस हर हाल में फिल्म के में शामिल होना चाहती थी..भले से उन्हें स्ट्रेचर  पर ही क्यों ना ले जाया जाए। इसलिए फिल्म के प्रीमियर पर नर्गिस के लिए एक सीट छोड़ दी गई थी।

संजय की पहली फिल्म रॉकी तो सुपर हिट रही लेकिन वो इसकी खुशी मना नहीं पाएं। मां की मौत के बाद संजय ने अपना गम कहीं और भूलाना शुरू कर दिया था वो ड्रग्स और नशे की आदी होने लगे जिससे उनका करियर भी बर्बाद होने लगा