सालों से अग्निपथ पर चलते आ रहे हैं 'मुन्ना भाई'

1 years ago

 

नीतू कुमार : संजय दत्त का 29 जुलाई को जन्मदिन होता है लेकिन जन्मदिन के ठीक पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का ऐसा फऱमान आया कि उनके परिवारवालों का फैंस का दिल धक कर गया। लोग सोचने क्या फिर संजय दत्त को जेल जाना पड़ेगा। संजय दत्त को उनकी सजा पूरी होने से 8 महीने रिहा करने के मुद्दे पर एकबार फिर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि अगर कोर्ट को लगता है कि संजय दत्त को नियमों की अनदेखी करके समय से पहले रिहा किया गया है तो वो उन्हें फिर से जेल भेजने के लिए तैयार है। देखा जाए तो संजय दत और सुकून हमेशा दूर दूर रहे। संजय की लाइफ में इतने उतार चढ़ाव रहे कि फिल्मों में काम करने वाले इस एक्टर की लाइफ ही एक संजय दत्त हमेशा अग्निपथ पर चलते रहे.और आज भी चले जा रहे है। चार साल पहले 21 मार्च 2013 को एक ऐसा फैसला आया जिसके करीब साढ़े तीन साल जेल में बिताना पड़ा। 

देखा जाए संजय और सकुन की आंख मिचौली 1981 से चली आ रही है। पहली फिल्म रॉकी रिलीज हुई और मां का साया सिर से उठ गया। फिल्म हिट हुई तो संजय उसके हिट होने की खुशी मनाए या फिर मां की मौत का मातम। मां की मौत का संजय पर इतना गहरा असर हुआ कि वो ड्रग्स के दलदल में घुसते चले गए। फिल्में फ्लॉप होने लगी.....करीब दो साल नशे की आदत से निकलने में चले गए और  फिर जब संजय वापस आए तो उन्होंने नई जिंदगी शुरु की। 1987 में रिचा शर्मा से शादी रचाई। शादी के एक साल बाद ही संजय पापा बन गए....लाइफ में सुकुन आया और फिर तुंरत काफूर हो गया। वाइफ रिचा को ब्रेन ट्यूमर डिटेक्ट हुआ।  रिचा बेटी त्रिशला को लेकर अमेरिका चली गई और संजय तन्हा हो गए। 

90S में संजय दत्त ने माधुरी जिंदगी के साथ कई फिल्में की। थानेदार साजन की शूटिंग के दौरान संजय को माधुरी अच्छी लगने लगी। संजय और माधुरी के अफेयर की खबरे आने लगी। दोनों साथ देखे जाने लगे   संजय की लाइफ में थोड़ी बहुत खुशियां आने लगी ....लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये भी चंद घड़ी की मेहमान है। 12 मार्च 1993 को मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुए.और इस ब्लास्ट के स्याह धुएं से संजय दत्त की जिंदगी तबाह हो गई।  संजय सलाखों के पीछे गए और उनकी लव स्टोरी भी धुआं हो गई। 

टाडा के केस में फंस गए संजय.आतंकवादी होने के आरोप लग गए.1997 में टाडा के चंगुल से तो निकल गए संजय आर्म्स एक्ट में दोषी पाए गए।...पिछले 20 सालों अदालत, जेल और पुलिस थानों के चक्कर काट काट कर थक चुके है संजय.जिंदगी में थोड़ा चैन  आया नहीं कि फिर से कोर्ट में उनकी रिहाई क्यों हुई इस पर सुनवाई हो रही है।   

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