लापता कॉमेडियन सिद्धार्थ सागर ने किए चौंकाने वाले खुलासे, मां और उनके बॉयफ्रैंड पर लगाए आरोप

1 years ago

टीवी के जाने माने कॉमेडियन सिद्धार्थ सागर को लेकर खबरें थी कि वो पिछले चार महीने से लापता थे । जिसके बाद अभी हाल ही में सिद्धार्थ ने खुद खुलासा किया कि वो पिछले चार महीनों से कहां थे । सिद्धार्थ ने एक वीडियो शेयर कर कहा था कि, वो इस वक्त बिल्कुल सुरक्षित है । उन्हें कुछ भी नहीं हुआ है । उन्होंने बताया कि उनकी फैमिली उन्हें टॉर्चर करती थी । परिवार वाले उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं करते थे । इसके साथ ही सिद्दार्थ ने कहा कि, उन्होंने परिवारवालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी है । उन्होंने ये भी कहा है कि वो लंबे समय से काफी मुश्किलों से गुजर रहे थे । मानसिक तौर पर उनका काफी शोषण हुआ । जिसके बाद उन्होंने कहा कि वो प्रेस कॉन्फ्रैंड सभी को सारी सच्चाई है । हाल ही में सिद्धार्थ ने पूरी सच्चाई एक प्रेस कॉन्फ्रैंस के जरिए बताई है । उन्होंने कहा कि वो पिछले काफी वक्त से आखिर कहां थे । उन्होंने कहा कि उनकी मां ने उन्हें पागल घोषित करवा दिया ।

उन्होने कहा कि, मेरे माता-पिता 20 साल पहले अलग हो गए थे लेकिन दोनों के बीच एक दोस्ती का रिश्ता था। मेरे पिता दिल्ली में रहते हैं और मैं अपनी मां के साथ मुंबई में रहता था । मेरी मां मेरे लिए सब कुछ थी । लेकिन धीरे धीरे वो पैंसों को लेकर अजीब बर्ताव करने लगी । उनके लिए सब पैसा ही हो गया । मेरी मां की मुलाकात सुयश नाम के एक आदमी से हुई । मैं चाहता था कि मेरी मां को एक साथी की कमी ना हो इसलिए मैं उनके लिए खुश हुआ । मैं चाहता था कि वो उस आदमी के साथ खुश रहें । वो हमारे घर आता था बैठता था बातें करता था । लेकिन उस आदमी के आते ही मेरी लाइफ में चीजें बदलने लगी । मेरी मां का बर्ताव बदलने लगा । कुछ वक्त पहले मेरी तबियत खराब सी थी । मेरी मां औऱ पिता मुझे दवाई दे रहे थे । बाद उन्होंने मुझे बताया कि वो मुझे बाइपोलर डिसीज की दवाएं दे रहे हैं । इसके अलावा वो ना जाने कैसी कैसी दवाएं देने लगें । मैं जो करता उसका उलटा ही हो रहा था । एक दिन प्रोपर्टी को लेकर मेरे पास फोन आया तो मैने मेरी मां से पैसे मांगे तो उन्होंने कहा कि अब तुम मुझसे हिसाब मांगोगे कि पैसे कहां गए । मैने कहा मैं हिसाब नहीं मांग रहा हूं । पर बताइए तो पैसे कहा गए । बाद में पता चला कि मां का दोस्त पैसे लेकर भाग गया । मैं धीरे धीरे डिप्रेशन में जाने लगा । मैंने ड्रग्स लेना शुरू कर दिया । नशे की लत में मैं बिल्कुल डूब चुका था । जिसके बाद मेरी मां ने मुझे रिहैब भेज दिया । वहां मुझे वो बुरी तरह मारते थे पीटते थे । उन्हें ये भी नहीं पता होता कि वो मुझे कहां मार रहे हैं ।

मैं रिहेब से जैसे ही निकला तो मैं सीधा शूट करने गया औऱ वापस आ गया । क्योंकि मां ने कहा कि पैसे नहीं बचे हैं । मैं उनसे कहता कि मेरा इलाज अच्छी जगह करवाओ पर वो कहती कि बेटा पैसे ही नहीं हैं । मैं कहता कि मैने इतने पैसे दिए कहा गए । किसी से मांगकर करवा दो । मैं फिर कमाउंगा और आपको पैसे दूंगा । एक दिन मेरे दोस्त गोवा ले गए मैं वहां से वापस आया तो कुछ लोगो ने मुझे पकड़ लिया और पागलखाने में डलवा दिया । वहां भी मेरे साथ मारपीट की गई और मुझे मेंटली टॉर्चर किया गया । बाद में वहां देने के लिए माता-पिता औऱ सुय़श के पास पैसे नहीं बचे तो उन्होंने मुझे आशा की किरण नाम के एक एनजीओ में भर्ती कर दिया वहां पैसे नहीं लगते थे । आशा की किरण के संस्थापक बशीर कुरैशी ने मुझे दवाइयां दीं, जिनसे मेरी हालत में सुधार हुआ। फिलहाल अब सिद्धार्थ धीरे धीरे ठीक हो रहे हैं । लेकिन उनका कहना है कि अब वो उन सबसे दूर रहना चाहते हैं । अगर उनके माता-पिता को पैसे की जरूरत पड़ेगी तो वो जरूर देंगे । लेकिन अभी वो उन सभी से दूर रहेंगे औऱ करियर पर दोबारा से ध्यान देंगे ।