Birthday Spl - आंखों से अभिनय करने वाली स्मिता की बात ही कुछ और थी

1 years ago

 

 

आज स्मिता पाटिल का 62वां जन्मदिन है। 17 अक्तूबर 1955 को पुणे शहर में पैदा हुई थी स्मिता । पापा शिवाजी राय पाटिल महाराष्ट्र govt में मंत्री थे, जबकि उनकी मम्मी सोशल वर्कर थी। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्मिता मराठी टेलीविजन में न्यूज एंकर का काम करने लगी। इसी दौरान उनकी मुलाकात जाने माने फिल्म मेकर श्याम बेनेगल से हुई। श्याम बेनेगल उन दिनो अपनी फिल्म चरण दास चोर बनाने की तैयारी में थे। ये 1975 की बात है।बेनेगल को स्मिता पाटिल में एक्टर दिखाई दिया और अपनी फिल्म चरण दास चोर में स्मिता को एक छोटा सा रोल दिया। फिल्म स्मिता का रोल छोटा था लेकिन उन्होंने ये साबित कर दिया कि जल्द ही वो बॉलीवुड की नामचीन एक्ट्रेस बनेंगी।  

स्मिता पाटिल में श्याम बेनेगल को आर्ट फिल्मों की एक संजीदा एक्ट्रेस नजर आई और उन्होंने् अपनी अगली फिल्म निशांत में भी स्मिता को मौका दिया। 1977 स्मिता पाटिल के कैरियर में अहम साबित हुआ। इस साल भूमिका और मंथन जैसी फिल्मे आई। दूध क्रांति पर बनी मंथन में स्मिता पाटिल का नया रंग दिखा। फिल्म भूमिका में स्मिता ने अपनी छाप छोड़ी और फिर उन्हें नेशनल अवॉर्ड से ञॉनर किया गया। नसीरूदीन शाह, शबाना आजमी, अमोल पालेकर जैसे आर्ट फिल्मों के मंझे हुए स्टार्स के बीच स्मिता की धाक जमने लगी।  फिल्म भूमिका से स्मिता पाटिल का जो सफर शुरू हुआ, वह चक्र, निशांत, आक्रोश, गिद्ध, अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है और मिर्च-मसाला जैसी फिल्मों तक जारी रहा।

  साल 1980 में रिलीज हुई फिल्म चक्र में स्मिता पाटिल ने झुग्गी-झोंपड़ी में रहने वाली एक औरत के किरदार को जिंदा कर दिया। चक्र फिल्म के लिए स्मिता को दूसरी बार नेशनल अवॉर्ड मिला। साल 1985 में इंडियन सिनेमा में स्मिता के योगदान को देखते हुए उन्हें पदमश्री से ऑनर किया गया। हिंदी फिल्मों के अलावा स्मिता पाटिल ने मराठी, गुजराती, तेलगू, बंग्ला, कन्नड़ और मलयालम फिल्मों में भी काम किया। स्मिता पाटिल बहुत कम उम्र से दुनिया से रूखसत हो गई लेकिन छोटी सी उम्र में लंबी लकीर खींच गईं। 

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