मेटास्टैटिक कैंसर की शिकार हैं सोनाली, जानिए क्या है मेटास्टैटिक कैंसर ?

7 months ago



43 साल की सोनाली बेंद्रे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीडित हैं। सोनाली ने अपने सोशल मीडिया अकांउट पर यह जानकारी दी कि उन्हें हाई-ग्रेड कैंसर हो गया है जो अब मेटास्टेसाइज्ड हो गया है यानी शरीर के दूसरे अंगों तक फैल चुका है और सोनाली इस वक्त न्यू यॉर्क में हैं और अपना इलाज करवा रही हैं। मेटास्टैटिक कैंसर से पीड़ित सोनाली का इलाज शुरू हो गया है। 


जानिए क्या है मेटास्टैटिक कैंसर 


कैंसर शरीर के जिस हिस्से में सबसे पहले विकसित होता है, उसे प्राइमरी स्पॉट कहते हैं और जब कैंसर सेल्स टूटकर प्राइमरी स्पॉट से निकलकर खून या लसीका के जरिए शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल जाते हैं तो उसे मेटास्टैटिक कैंसर कहते हैं। कैंसर सेल्स जब शरीर के दूसरे हिस्सों में ट्यूमर बनाने लगते हैं तो इसे मेटास्टैटिक ट्यूमर कहते हैं। हालांकि प्राइमरी और मेटास्टैटिक कैंसर दोनों का नेचर एक जैसा ही होता है । मेटास्टैटिक कैंसर शरीर में होने वाले अन्य प्रकार के कैंसर की तुलना में ज्यादा खतरनाक माना जाता है। 




इस कैंसर के लक्षणों में मुख्य रूप इस बात पर ज्यादा निर्भर करते हैं कि कैंसर शरीर के किस हिस्से तक फैल रहा है। जैसे अगर कैंसर की शुरुआत हड्डियों से होती है या हड्डियों में फैलता है तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं जिसके की दर्द रहने लगता है और फ्रैक्चर भी संभव है। इसके अलावा अगर कैंसर मस्तिष्क पर हमला करता है तो सिरदर्द, दौरे पड़ना या चक्कर आना के लक्षण दिखते हैं। इसी तरह जब कैंसर फेफड़ों की ओर बढ़ता है तो सांस लेने में दिक्कत आने लगती है। वहीं जब कैंसर यकृत (लीवर) तक पहुंचता है तो पेट में सूजन, दर्द और पीलिया लक्षण के रूप में उभरते हैं।