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संजय की 308 गर्लफ्रेंड्स थी और पापा सुनील दत्त की सिर्फ एक

June 7, 2018, 2:05 p.m.

संजय दत्त की 308 गर्लफ्रैंड्स थी लेकिन उनके पापा सुनील दत्त की बस एक ही गर्लफ्रेंड रहींय़। सुनील दत्त की मोहब्बत की कहानी  बेटे संजय दत्त से बिल्कुल अलग थी। ये कहानी वहां से शुरू होती है जब सुनील दत्त सीलोन रेडियो में बतौर रेडियो जॉकी काम किया करते थे। तब एक्टिंग से उनका कोई लेना-देना नहीं था। लेकिन यहीं पर उनका नरगिस से उनकी पहली मुलाकात हुई तब तक नरगिस हिंदुस्तान की सबसे कामयाब एक्ट्रेस बन चुकी थीं। राज कपूर के साथ उनकी जोड़ी फिल्मों में बहुत हिट थी। इंटरव्यू के दौरान अपने सामने नरगिस को देखकर सुनील दत्त इतने नर्वस हो गए कि उनसे एक भी सवाल नहीं पूछ पाए। हालत ये हुई कि सुनील दत्त की नौकरी जाते-जाते बची। 

दूसरी बार नरगिस और सुनील दत्त की मुलाकात बिमल रॉय की फिल्म ‘दो बीघा ज़मीन’ के सेट पर हुई। नरगिस वहां बिमल रॉय से मिलने आई थीं और सुनील दत्त वहां काम की तलाश में पहुंचे थे. सुनील को देखते ही नरगिस को पिछला वाकया याद आ गया वो सुनील दत्त को देखकर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं।

इसके बाद महबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ में सुनील दत्त को नरगिस के बेटे का रोल मिला। शूटिंग के दौरान सुनील बार-बार नरगिस के सामने नर्वस हो जाते थे, और एक्टिंग नहीं कर पाते थे। लेकिन नरगिस ने इस दौरान सुनील दत्त की काफी मदद की। नरगिस की दरियादिली ने - सुनील दत्त का दिल छू लिया था। 

गुजरात के बिलिमोर गांव में मदर इंडिया का सेट लगा... वहां एक सीन के लिए चारों ओर पुआल बिछाए गए थे और उसमें आग लगाई गई। देखते-देखते आग चारों ओर फैल गयी....नरगिस सीन करने के दौरान आग में फंस गई।. सुनील दत्त अपनी जान पर खेलकर नरगिस को बचाने के लिए आग में कूद पड़े उन्होंने नरगिस को बचा लिया लेकिन खुद काफी जल गए। वो इतने ज़्यादा जल गए थे कि बार-बार बेहोश होने लगे उन्हे हॉस्पिटल में भर्ती करवाना पड़ा।

नरगिस रोज़ अस्पताल जाकर उनकी देखभाल करतीं। आग वाले हादसे के बाद नरगिस का नज़रिया सुनील दत्त की ओर से पूरी तरह बदल गया था। इसी बीच सुनील दत्त की बहन बीमार पड़ गईं वे बंबई में किसी डॉक्टर को नहीं जानते थे। बिना सुनील दत्त को बताए नरगिस उनकी बहन को लेकर अस्पताल चली गईं और इलाज करवाया। सुनील दत्त पहले से ही नरगिस को चाहते थे लेकिन इस घटना के बाद उन्होंने तय कर लिया कि जिंदगी बितानी है तो उन्हीं के साथ । अपने प्यार का इज़हार उन्होने नरगिस के सामने किया और नरगिस ने इस इज़हार पर इकरार कर दिया। 

इनके अफेयर के किस्से बॉलीवुड में शुरू हो गए। लेकिन कोई था जो किप्यारके इन दो पंक्षियों से परेशान था। वो थे फिल्म मदर इंडिया के डायरेक्टर - प्रोड्यूसर महबूब खान। क्योंकि फिल्म में सुनील दत्त और नरगिस मां बेटे के रोल में थे और वो नहीं चाहते थे कि नरगिस और सुनील दत्त के अफेयर की खबर बाहर जाए।किसी तरह फिल्म मदर इंडिया खत्म हुई। फिर तो नरगिस और सुनील दत्त ने अपना प्यार सरेआम कर दिया। 

सुनील दत्त नरगिस से शादी करना चाहते है। उस वक्त नरगिस हिंदी सिनेमा की नंबर वन एक्ट्रेस थी...लेकिन उन्होंने करियर की बुलंदी को छोड़ सुनील दत्त के साथ घर बसाने का फैसला लिया। लेकिन इस शादी के आड़े आ रहा था मजहब। सुनील दत्त ब्राहम्ण थे और नरगिस मुसलिम...लेकिन नरगिस ने समाज की परवाह ना कर एक आर्य समाज मंदिर में 11 मार्च 1958 में सुनील दत्त से शादी कर ली। सुनील दत्त की खातिर नरगिस ने सिर्फ 29 साल की उम्र में सिल्वर स्क्रीन को छोड़ दिया।

उस वक्त सुनील दत्त एक बेडरूम के घर में पूरे परिवार के साथ रहते थे। सुपर स्टार नरगिस से शादी के बाद भी वे करीब एक साल तक उस घर मे रहे। संजय दत्त का जन्म भी उसी घर में हुआ। नरगिस और सुनील दत्त अपनी जिंदगी में खुश थे। तीन बच्चे हुए और नरगिस उनकी परवरिश में जुटी रही। बॉलीवुड में दत्त फैमिली का रूतबा बढ़ता रहा।

लेकिन 1980 में सुनील दत्त को बहुत बड़ा सदमा लगा। उन्हें पता चला कि नरगिस को पेनक्रियाज कैंसर है। सुनील दत्त उन्हें लेकर अमेरिका गए डॉक्टर्स ने कैंसर से जूझती - नरगिस को दर्द से बचाने के लिए सुनील दत्त को सलाह भी दी कि वो नरगिस का लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा दें लेकिन सुनील दत्त ने ऐसा करने से मना कर दिया। वे नरगिस के आखिरी पलों तक उनके साथ रहे।

नरगिस के जाने के बाद इस मुश्किल घड़ी में सुनील दत्त ने अपने बच्चों को संभाला  और कैंसर के खिलाफ जंग छेड़ दी। नरगिस की याद में उन्होंने कैंसर अस्पताल बनवाए...यहीं नहीं कैंसर के खिलाफ एक फिल्म दर्द का रिश्ता भी बनाया नरगिस को सुनील दत्त ने एक रियल हीरो की तरह चाहा....और अपना प्यार निभाय़ा।