ऑस्‍कर 2019 से बाहर हुई रीमा दास की फिल्म- 'द विलेज रॉक स्टार्स'

1 months ago

ऑस्कर 2019 के लिए  फिल्म 'विलेज रॉकस्टार्स' को भारत की ओर से ऑस्कर में भेजने का फैसला लिया गया था। लेकिन अब रीमा दास की असमी फिल्म - 'द विलेज रॉकस्‍टार' बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म केटेगरी की रेस से बाहर हो गई है। यह फिल्म रीमा के गांव छैगांव में ही शूट की गई थी। रीमा ने फिल्‍म की प्रमोशन के लिए असम सरकार से 3 करोड़ रुपए मांगे थे। मगर उन्‍हें 1 करोड़ रुपए ही आबंटित हुए थे।

एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज ने सोमवार को इस बात की पुष्टी की है कि 91वें एकेडमी अवॉर्ड्स में विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी में अगले दौर की वोटिंग के लिए नौ फिल्मों का चुनाव हुआ है। इस लिस्ट में बर्ड्स ऑफ;पैसेज (कोलंबिया), द गिल्टी (डेनमार्क), नेवर लुक अवे (जर्मनी), शॉपलिफ्टर्स (जापान), आयका (कजाकिस्तान), कैपरनाम (लेबनान), रोमा (मैक्सिको), कोल्ड वार (पोलैंड) और बर्निंग (साउथ कोरिया) फ़िल्में फ़ॉरेन कैटेगरी में वोटिंग के लिए अगले राउंड में पहुंची हैं।

 बताते चलें कि 91वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए दुनियाभ र की 87 फ़िल्में इस कैटेगरी में सबमिट की गई थीं।  आपको बता दें कि ऑस्कर्स में विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी में शीर्ष पांच तक अब तक भारत की सिर्फ तीन ही फिल्में पहुंच पाई है, जिसमें 'मदर इंडिया', 'सलाम बॉम्बे' और 'लगान : वंस अपॉन ए टाइम इन इंडिया' है।बता दें कि फिल्म विलेज रॉकस्टार्स 2017 में आई थी जिसका प्रीमियर टोरंटो फ़िल्म फेस्टिवल में किया गया था। 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए इस फिल्म को पुरस्कृत किया गया था। इस फिल्म की प्रोड्यूसर और एडिटर रीमा हैं। ये फिल्म असम के एक छोटे से गांव छायगांव पर बनी है। 

इस फिल्म में 10 साल की लड़की धुनू की कहानी है। जो अपनी विधवा मां के साथ रहती है। धुनू आसपास होने वाले आयोजनों में सांप बेचने में अपनी मां की मदद करती है। इसी दौरान वह एक रोज एक बैंड को परफॉर्म करते देखती है और मंत्रमुग्ध हो जाती है। आपको बता दें कि फिल्म 'विलेज रॉकस्टार्स' में गरीब बच्चों की कहानी दिखाई गई है। इस फिल्म में उस लड़की की कहानी दिखाई गई है जो गिटारिस्ट बनना चाहती है।