विनोद खन्ना को दादा साहब फाल्के सम्मान, पाकिस्तान से गहरा संबंध था

9 months ago

 

बॉलीवुड के दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को दादा साहब फाल्के अवॉर्ड दिया जाएगा। आज इस बात की घोषणा हुई है। सिनेमा में ये सर्वोच्च सम्मान है। बॉलीवुड में अपने दमदार अभिनय के दम पर अलग पहचान बनाने वाले विनोद खन्ना के बारे में यह बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि उनका जन्म पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। आपको बता दें कि विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 पेशावर (पाकिस्तान) में हुआ। उनके पिता का टेक्सटाइल, डाई और केमिकल का बिजनेस था।  विनोद खन्ना पांच भाई बहनों में से एक थे। उनके एक भाई और तीन बहने थे। आजादी के समय हुए बंटवारे के बाद उनका परिवार पाकिस्तान से मुंबई आकर बस गया।  विनोद बचपन में बेहद शर्मीले थे, स्कूल के दौरान उन्हें एक टीचर ने जबरदस्ती नाटक में उतार दिया और उन्हें अभिनय की कला पसंद आई।  बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई के दौरान विनोद खन्ना ने 'सोलवां साल' और 'मुगल-ए-आज़म' जैसी फिल्में देखीं और इन फिल्मों ने उन पर गहरा असर छोड़ा।  विनोद खन्ना के पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा फिल्मों में जाए। विनोद की जिद के आगे वे झुके और उन्होंने दो साल का समय विनोद को दिया। विनोद ने इन दो सालों में मेहनत कर फिल्म इंडस्ट्री में जगह बना ली। 

विनोद खन्ना ने गुजरे जमाने में बॉलीवुड की कई फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया। इनमें मेरे अपने, इंसाफ, परवरिश, मुकद्दर का सिकंदर, कुर्बानी, दयावान, मेरा गांव मेरा देश, चांदनी, द बर्निंग ट्रेन और अमर अकबर एंथोनी जैसी फिल्में शामिल हैं। विनोद खन्ना ने अपने करियर में कई तरह के रोल किए । उन्होंने नकारात्मक और चरित्र भूमिकाएं भी कीं । राजनीति में आने के बाद भी वो फिल्मों में अभिनय करते रहे थे।